ओमान पुलिस ने सीब (Seeb) इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 37 प्रवासियों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों ने लेबर और रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन किया था. पकड़े गए लोगों में 30 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल हैं, जिनके खिलाफ अब कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

ओमान में लेबर और रेजिडेंसी नियमों के उल्लंघन पर क्या है सजा?

Ministry of Interior (MOI) ने प्रवासियों और कंपनियों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. अगर कोई कंपनी अवैध रूप से प्रवासियों को नौकरी पर रखती है, तो उस संस्थान पर 1,00,000 SAR तक का जुर्माना लग सकता है. इसके अलावा, जिम्मेदार मैनेजरों को जेल की सजा भी हो सकती है और ऐसे संस्थानों पर 5 साल तक नए लोगों की भर्ती पर बैन लगाया जा सकता है.

  • Ministerial Decision No. 602/2025: इस नए नियम के तहत एम्प्लॉयमेंट लाइसेंस रिन्यू करने में देरी या वर्कर की डिटेल रजिस्टर न करने पर जुर्माना लगेगा.
  • नियमों का पालन: बिना लाइसेंस वाले वर्कर या इस्तीफा दे चुके लोगों को नौकरी पर रखना अपराध माना गया है.

ओमान पुलिस की कार्रवाई और प्रवासियों के लिए जरूरी चेतावनी

Royal Oman Police (ROP) ने बताया कि सीब में की गई यह गिरफ्तारी एक टारगेटेड ऑपरेशन का हिस्सा थी. इससे पहले भी पुलिस ने मुधैबी, सिनाव और दक्षिण अल बटिनाह प्रांत में कई प्रवासियों को इसी तरह के नियमों के उल्लंघन के आरोप में पकड़ा था. पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जानकारी तुरंत विभाग को दें.

ओमान में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वीज़ा और वर्क परमिट के कागजात हमेशा अपडेट रखें. नियमों की अनदेखी करने पर न केवल जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि जेल और डिपोर्टेशन जैसी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सीब में कितने प्रवासी गिरफ्तार हुए हैं और क्यों?

सीब में कुल 37 प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 30 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल हैं. इन पर लेबर और रेजिडेंसी कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप है.

अवैध रूप से प्रवासियों को रखने वाली कंपनियों पर क्या जुर्माना है?

Ministry of Interior के अनुसार, अवैध प्रवासियों को रोजगार देने वाले संस्थानों पर 1,00,000 SAR तक का जुर्माना लग सकता है और जिम्मेदार अधिकारियों को जेल हो सकती है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.