खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों ने 28 जुलाई 2026 को एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों और व्यापार की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई। सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने पर जोर दिया ताकि व्यापार और सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए।
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ओमान का जॉइंट मैनेजमेंट प्रस्ताव
बैठक के दौरान ओमान ने ईरान के सामने Strait of Hormuz के जॉइंट मैनेजमेंट का प्रस्ताव रखा है। यह मॉडल Strait of Malacca की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसमें जहाजों की आवाजाही के लिए एक वॉलंटरी फीस सिस्टम भी शामिल है। इस पहल को क्षेत्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जो अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते के बाद एक महत्वपूर्ण कदम है।
तनाव के बीच शांति की कोशिश
क्षेत्र में 25 जुलाई 2026 से एक ‘सावधानी भरी शांति’ बनी हुई है। इससे पहले 11 जुलाई से करीब 13 दिनों तक तनाव का माहौल था, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुए समझौते के बाद अब बातचीत और राजनीतिक समाधान पर जोर दिया जा रहा है। 18 जुलाई 2026 को GCC और यूरोपीय संघ ने भी संयुक्त रूप से स्पष्ट किया था कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर एकतरफा फीस या पाबंदी नहीं लगा सकता है। सभी देशों को UN Security Council Resolution 2817 के तहत नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
