ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले समुद्री यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। ओमान के अधिकारियों और ईरान के बीच 24-25 जुलाई 2026 को तेहरान में हुई बातचीत में एक क्षेत्रीय कंसोर्टियम बनाने की बात कही गई। इसका मुख्य उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर किसी एक देश के अकेले नियंत्रण को खत्म कर उसे सभी देशों के सहयोग से चलाना है।
प्रस्ताव की मुख्य बातें
इस योजना के तहत तीन अलग-अलग समुद्री कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया गया है, जिनमें ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल के साथ ही एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन शामिल होगी। यह व्यवस्था मलाक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) की तर्ज पर होगी, जहाँ से गुजरने वाले जहाज अपनी मर्जी से सेवा शुल्क देंगे। इस पैसे का इस्तेमाल समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण की देखभाल और खोज-बचाव अभियानों में किया जाएगा। ओमान के विदेश मंत्री H.E. Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi ने कूटनीतिक बातचीत पर जोर दिया है, ताकि इस रास्ते पर आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहे।
ईरान और अन्य देशों का रुख
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने क्षेत्र में स्थिरता के लिए सहयोग की बात कही है, हालांकि उन्होंने तनाव के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के रुख को लेकर मिली-जुली खबरें हैं। एक तरफ जहां कुछ रिपोर्ट में ईरान के लचीले होने की बात है, वहीं दूसरी ओर यह भी सुनने में आया है कि ईरान इस प्रस्ताव के विरोध में है और उसने अपना अलग रास्ता सुझाया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके सुझाव नहीं माने गए तो वह जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। फिलहाल इस मामले पर तकनीकी बातचीत जारी है और हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमले रोकने से कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बनी हुई हैं।
