ओमान के पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। अब किसी भी व्यक्ति की निजी जिंदगी या उसके परिवार से जुड़ी कोई भी जानकारी बिना उसकी अनुमति के पब्लिश करना कानूनी अपराध माना जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि प्राइवेसी का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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ओमान के कानून में क्या है खास और क्या होगी सजा?

यह कानूनी चेतावनी ओमान पेनल कोड के आर्टिकल 330 पर आधारित है। इस नियम के तहत किसी भी व्यक्ति की निजी या पारिवारिक जिंदगी से जुड़ी खबर, फोटो या कमेंट्स को बिना उनकी सहमति के छापना या शेयर करना मना है। सबसे जरूरी बात यह है कि अगर साझा की गई जानकारी सच भी है, तब भी बिना अनुमति के उसे पब्लिश करने पर कार्रवाई होगी।

  • नियम का उल्लंघन करने पर कम से कम एक महीने की जेल हो सकती है।
  • अधिकतम सजा एक साल तक की कैद का प्रावधान है।
  • यह नियम सभी मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू होता है।

प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए सरकार के अन्य नियम

यह चेतावनी पब्लिक प्रोसिक्यूशन के ‘मिसिंग लिंक’ (Missing Link) जागरूकता अभियान का हिस्सा है। ओमान सरकार प्राइवेसी को लेकर काफी गंभीर है और इसके लिए कई कानून बनाए हैं। 5 फरवरी 2026 से ओमान का पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन लॉ पूरी तरह लागू हो चुका है। इसके अलावा साइबर क्राइम कानून के आर्टिकल 18 के तहत ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और डिजिटल धमकियों को भी अपराध माना गया है।

अटॉर्नी जनरल नसर बिन खामिस अल सवाई ने पहले ही स्पष्ट किया था कि देश में बोलने और अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन अगर इससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ती है या किसी की प्राइवेसी खत्म होती है, तो कानून अपना काम करेगा। सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल और पब्लिक प्रोसिक्यूशन का मुख्य उद्देश्य समाज में डिजिटल अनुशासन बनाए रखना और परिवारों की गोपनीयता की रक्षा करना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सच जानकारी शेयर करने पर भी सजा हो सकती है?

हाँ, ओमान पेनल कोड के आर्टिकल 330 के अनुसार अगर जानकारी सच है लेकिन वह किसी की निजी जिंदगी से जुड़ी है और आपने बिना उसकी अनुमति के शेयर की है, तो आप कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

प्राइवेसी कानून तोड़ने पर कितनी जेल हो सकती है?

इस कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कम से कम एक महीने से लेकर अधिकतम एक साल तक की जेल की सजा हो सकती है।