ओमान के Public Prosecution ने सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। अगर कोई व्यक्ति इंटरनेट या मीडिया के जरिए अफवाह फैलाता है, किसी को बदनाम करता है या ब्लैकमेल करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। ओमान में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों को इन नियमों का पालन करना जरूरी है ताकि वे भारी जुर्माने या जेल से बच सकें।
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सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट करने पर क्या होगी सजा?
Muscat Daily द्वारा 6 मई 2026 को दी गई जानकारी के मुताबिक, ब्लैकमेल करने, मानहानि करने या अफवाह फैलाने वालों को 30 दिन की जेल हो सकती है। इसके अलावा, दोषी पाए जाने पर 3,000 ओमान रियाल (RO 3,000) का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। यह नियम उन सभी पर लागू होगा जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करते हैं।
किन कानूनों के तहत होगी कार्रवाई?
ओमान में इन अपराधों को रोकने के लिए Cybercrime Law और Penal Code का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, Royal Decree No. 58/2024 के तहत मीडिया कानून भी लागू है, जो जनता को गुमराह करने वाली या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली पोस्ट पर पाबंदी लगाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों के मामलों में सजा 3 साल तक की जेल और जुर्माना 2 लाख रियाल तक हो सकता है।
सरकारी अधिकारियों ने क्या सलाह दी है?
Public Prosecutor Nasser Al-Sawaei ने साफ किया है कि अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल कानूनी दायरे में रहकर ही करना चाहिए। मार्च 2026 में भी चेतावनी दी गई थी कि ऐसी कोई भी जानकारी शेयर न करें जिससे जनता में डर फैले या पब्लिक सिक्योरिटी को खतरा हो। अधिकारियों ने कहा है कि बिना पुष्टि के कोई भी डिजिटल कंटेंट शेयर करना कानूनी मुश्किलों को दावत देना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओमान में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर कितनी सजा हो सकती है?
Muscat Daily की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे अपराधों के लिए 30 दिन की जेल या 3,000 ओमान रियाल का जुर्माना लगाया जा सकता है।
क्या यह नियम प्रवासियों पर भी लागू होता है?
हाँ, ओमान में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों को सोशल मीडिया और अन्य मीडिया माध्यमों का इस्तेमाल करते समय कानूनी नियमों का पालन करना होगा।