ओमान के सरकारी खजाने में इस साल अच्छी बढ़त देखी गई है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि साल की पहली तिमाही में देश की कमाई 13 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस बढ़त की मुख्य वजह तेल और गैस की बढ़ती कमाई को माना गया है। सरकार ने अपनी वित्तीय रिपोर्ट जारी कर दी है जिसमें कमाई और खर्च का पूरा हिसाब दिया गया है।

ओमान की कमाई और खर्च का क्या है हिसाब?

ओमान के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) के दौरान सरकारी राजस्व में अच्छी तेजी आई है। तेल और गैस की कीमतों और उत्पादन में सुधार की वजह से खजाने में पैसा बढ़ा है। वहीं, सरकार ने विकास कार्यों और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी खर्च किया है। बजट घाटे में भी बड़ी कमी आई है जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है।

विवरण 2026 (पहली तिमाही) 2025 (पहली तिमाही)
कुल सरकारी कमाई 2.985 अरब OMR 2.635 अरब OMR
कुल सरकारी खर्च 3.010 अरब OMR 2.771 अरब OMR
बजट घाटा 25 मिलियन OMR 136 मिलियन OMR
तेल से कमाई 1.535 अरब OMR 1.462 अरब OMR (लगभग)
गैस से कमाई 593 मिलियन OMR 436 मिलियन OMR (लगभग)
अन्य कमाई (Non-oil) 817 मिलियन OMR 721 मिलियन OMR (लगभग)

प्राइवेट सेक्टर और सब्सिडी पर क्या हुआ काम?

सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के बकाया भुगतान पर भी ध्यान दिया है। वित्त मंत्रालय ने फाइनेंशियल सिस्टम के जरिए प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को 362 मिलियन OMR से ज्यादा का भुगतान किया है। इसके अलावा, जनता को मिलने वाली सुविधाओं और सब्सिडी पर भी खर्च किया गया है।

  • सोशल प्रोटेक्शन सिस्टम: इस पर 154 मिलियन OMR खर्च हुए।
  • बिजली सेक्टर: बिजली की सब्सिडी के लिए 80 मिलियन OMR दिए गए।
  • पेट्रोलियम उत्पाद: पेट्रोलियम उत्पादों पर 17 मिलियन OMR की सब्सिडी दी गई।
  • सरकारी कर्ज: पहली तिमाही के अंत तक कुल सार्वजनिक कर्ज 14.5 अरब OMR रहा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि तेल की औसत कीमत 64 डॉलर प्रति बैरल रही और रोजाना करीब 1.025 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन हुआ। विकास कार्यों के लिए मंत्रालयों को 334 मिलियन OMR दिए गए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान की सरकारी कमाई में कितनी बढ़त हुई है?

ओमान की सरकारी कमाई साल 2026 की पहली तिमाही में 13 प्रतिशत बढ़कर 2.985 अरब OMR तक पहुँच गई है।

सरकार ने प्राइवेट सेक्टर को कितना भुगतान किया?

वित्त मंत्रालय ने पेमेंट वाउचर के जरिए प्राइवेट सेक्टर के बकाया भुगतान के रूप में 362 मिलियन OMR से ज्यादा की राशि दी है।