सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से पर हाल ही में हुए मिसाइल हमलों को लेकर खाड़ी देशों में गंभीर प्रतिक्रिया देखने को मिली है। 14 जुलाई 2026 को ओमान और कतर, दोनों देशों ने अलग-अलग आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। ओमान ने सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया है और यमन के सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा
कतर के विदेश मंत्रालय ने भी एक स्पष्ट बयान में इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। कतर ने कहा है कि बैलिस्टिक मिसाइल का उपयोग सऊदी अरब की स्थिरता और वहां रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए चुनौती है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भी उठा मुद्दा
हाल ही में 13 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में यमन और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते तनाव पर चर्चा की गई। सदस्य देशों ने इन हमलों के खिलाफ एकजुटता दिखाई है। हालिया समय में ईरान पर बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, यूएई और जॉर्डन सहित कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के आरोप लगे हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात नाजुक बने हुए हैं।
