ओमान ने टैक्स सिस्टम को सुधारने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। ओमान टैक्स अथॉरिटी (OTA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स रिफंड की स्पीड और विवादों को सुलझाने के मामले में ओमान ने दुनिया के कई बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है। ओमान को इस मामले में 85.3 अंक मिले हैं, जो कि पड़ोसी देश UAE और भारत से कहीं ज्यादा है। यह स्कोर बताता है कि ओमान में टैक्स वापस पाने की प्रक्रिया अब पहले से काफी तेज और आसान हो गई है।

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टैक्स रिफंड स्पीड में कौन सा देश कहाँ?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए आकलन में ओमान का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा है। ग्लोबल फोरम ने ओमान को टैक्स नियमों के पालन में ‘लार्जली कंप्लायंट’ यानी काफी हद तक नियमों को मानने वाला देश बताया है। अगर हम दूसरे देशों से तुलना करें तो सऊदी अरब और भारत जैसे बड़े देश इस लिस्ट में ओमान से नीचे नजर आते हैं। ओमान का सिस्टम निवेशकों का भरोसा जीतने में कामयाब रहा है। नीचे दी गई टेबल में आप अलग-अलग देशों का स्कोर देख सकते हैं।

देश (Country) स्कोर (Score)
ओमान (Oman) 85.3
UAE 55.0
मलेशिया (Malaysia) 51.0
भारत (India) 49.3
सऊदी अरब (Saudi Arabia) 32.2

पर्यटकों को मिलेगा VAT रिफंड, 2026 से लागू होंगे नए नियम

ओमान घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए सरकार ने एक अच्छी खबर दी है। फरवरी 2026 में हुए ऐलान के मुताबिक, अब ओमान आने वाले नॉन-रेसिडेंट टूरिस्ट अपनी खरीददारी पर दिया गया VAT वापस ले सकेंगे। इसके लिए सरकार अलग-अलग सर्विस कंपनियों के साथ समझौता कर रही है। यह सुविधा 2026 में पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा टैक्स चोरी रोकने के लिए अब ‘Ta’akad’ ऐप और आर्टिफिशियस इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही 2026 में इलेक्ट्रॉनिक इन्वॉइसिंग (e-Invoicing) को भी अनिवार्य किया जा रहा है ताकि काम में पारदर्शिता बनी रहे।

टैक्स कलेक्शन और रिटर्न भरने वालों की संख्या बढ़ी

साल 2025 में ओमान टैक्स अथॉरिटी ने अपना रेवेन्यू का टारगेट भी पूरा कर लिया है। कुल टैक्स रेवेन्यू 1.373 बिलियन रियाल तक पहुंच गया है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा इनकम टैक्स और VAT का रहा है। टैक्स भरने वालों की संख्या में भी पिछले साल के मुकाबले 37% की बढ़ोतरी हुई है और कुल 3.53 लाख रिटर्न जमा किए गए हैं। 2021 के मुकाबले देखा जाए तो इनकम टैक्स और VAT में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है, जो यह बताता है कि लोग अब ज्यादा संख्या में टैक्स नियमों का पालन कर रहे हैं।