ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर अल बुसाइड ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का पालन करने की बात दोहराई है। यह बयान 9वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान दिया गया। उनका मकसद क्षेत्र में शांति बनाए रखना और आपसी सहयोग को बढ़ाना है ताकि यह इलाका युद्ध का केंद्र न बने।

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ओमान के समुद्री कानूनों में क्या नए बदलाव आए हैं?

ओमान सरकार ने विदेशी जहाजों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। फरवरी 2026 में जारी नए फैसले के अनुसार अब ओमान के समुद्री क्षेत्र में चलने वाले विदेशी जहाजों को नेविगेशन लाइसेंस लेना होगा। यह नियम रॉयल डिक्री 19/2023 के आधार पर बनाया गया है। इन नियमों का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, नाविकों की सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण की रक्षा करना है।

सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय विवादों पर ओमान का क्या रुख है?

ओमान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून और दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान किया है। मार्च 2026 में सलालाह पोर्ट पर हुए ड्रोन हमले के बाद सरकार ने इसकी जांच शुरू की थी। सऊदी अरब ने भी संयुक्त राष्ट्र में इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। ओमान अब ईरान के साथ युद्धविराम का स्वागत कर रहा है ताकि हिंद महासागर में व्यापार और आवाजाही सुरक्षित रहे।

भारतीय प्रवासियों और व्यापारियों पर इसका क्या असर होगा?

ओमान के इन नए नियमों का सीधा असर वहां काम करने वाले भारतीय शिपिंग एजेंटों और व्यापारियों पर पड़ेगा। अब विदेशी जहाजों के लिए लाइसेंस अनिवार्य होने से सभी को कानूनी कागजी प्रक्रिया का सख्ती से पालन करना होगा। हालांकि, समुद्री रास्तों पर सुरक्षा बढ़ने से लंबे समय में व्यापार करना आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.