ओमान सरकार ने अपनी पुरानी यादों और ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सुल्तान हैथम बिन तारिक ने रॉयल डिक्री नंबर 62/2026 जारी किया है, जिससे अब देश की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाएगी। इस नए कानून के बाद अब पुराने स्मारकों और ऐतिहासिक चीजों के रखरखाव के नियम पूरी तरह बदल गए हैं।

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नया मैनेजमेंट और जिम्मेदारी

सरकार ने अब इस काम की जिम्मेदारी Ministry of Heritage and Tourism और Ministry of Culture, Sports and Youth को सौंपी है। ये दोनों मंत्रालय अब आपस में तालमेल बनाकर काम करेंगे और तय करेंगे कि देश की विरासत को कैसे संभालना है। पुराने नियम तब तक लागू रहेंगे जब तक कि नए नियम पूरी तरह से नहीं आ जाते, लेकिन वे नए कानून के खिलाफ नहीं होने चाहिए।

क्या-क्या आएगा इस कानून के दायरे में

नए कानून में विरासत की परिभाषा को और बड़ा कर दिया गया है। अब इसमें ये चीजें शामिल होंगी:

  • ऐसी चीजें जिन्हें छुआ जा सकता है और जिन्हें नहीं छुआ जा सकता (Tangible and Intangible)।
  • ऐसी पुरानी चीजें जिन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है और जो अपनी जगह पर स्थिर हैं।
  • पानी के नीचे मिली ऐतिहासिक चीजें (Underwater heritage)।
  • UNESCO की लिस्ट में शामिल या नॉमिनेट की गई जगहों को अब Omani World Cultural Heritage कहा जाएगा।

पत्थरों और पुरानी खोजों के लिए सख्त नियम

कानून में अब एक खास हिस्सा प्राकृतिक बनावट और चट्टानों (geological heritage) के लिए जोड़ा गया है। अब बिना सरकारी मंजूरी के ऐसी वैज्ञानिक महत्व वाली जगहों से कोई भी सैंपल लेना या उधार लेना मना है, सिवाय रिसर्च या प्रदर्शनी के।

इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति को जमीन की खुदाई या किसी और तरीके से कोई पुरानी चीज मिलती है, तो उसे 48 घंटे के अंदर इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार को इस खबर पर 60 दिनों के भीतर कार्रवाई करनी होगी।

प्राइवेट म्यूजियम और सामान की बिक्री

अब प्राइवेट म्यूजियम या गैलरी खोलने के लिए नियम और भी साफ कर दिए गए हैं। ऐतिहासिक चीजों को खरीदने, बेचने या उन्हें देश से बाहर भेजने (export) के लिए अब लाइसेंस की प्रक्रिया को और बेहतर बनाया गया है ताकि कोई भी अवैध तरीके से ओमान की धरोहर को बाहर न ले जा सके।