ओमान और रूस ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने के लिए हाथ मिलाया है। मस्कट में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में दोनों देशों ने अर्थव्यवस्था और निवेश को बढ़ाने पर चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य मकसद व्यापार के नए रास्ते खोलना और दोनों देशों के बीच साझेदारी को गहरा करना है।

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किन सेक्टरों में होगा निवेश और सहयोग?

मीटिंग के दौरान दोनों देशों ने उन खास क्षेत्रों की पहचान की है जहाँ मिलकर काम किया जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से ये सेक्टर शामिल हैं:

  • ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स: तेल और गैस के साथ-साथ माल ढुलाई के रास्तों को बेहतर बनाना।
  • टेक्नोलॉजी और आईटी: नई तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री: बुनियादी ढांचे का विकास और औद्योगिक उत्पादन बढ़ाना।
  • फूड सिक्योरिटी: खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपसी तालमेल।

इस पूरी योजना में Oman Vision 2040 की प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है, ताकि ओमान की अर्थव्यवस्था को केवल तेल पर निर्भर न रखकर अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाया जा सके।

मीटिंग में कौन शामिल था और व्यापार का क्या हाल है?

ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (OIA) के चेयरमैन H.E. Abdulsalam Mohammed Al Murshidi ने रूसी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। रूस की तरफ से आर्थिक विकास मंत्री Maxim Reshetnikov इस टीम का नेतृत्व कर रहे थे। इसके अलावा, ओमान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर H.H. Sayyid Theyazin bin Haitham और अर्थव्यवस्था मंत्रालय के अधिकारियों ने भी रूसी मंत्री के साथ बातचीत की।

दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते लगातार बेहतर हो रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन के 2026 के आंकड़ों के अनुसार, ओमान और रूस के बीच कुल व्यापार का वॉल्यूम 90,867,776 ओमानी रियाल तक पहुँच गया है। आने वाले समय में निवेश के माहौल को और आकर्षक बनाने और सरकारी व निजी सेक्टर के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.