ओमान और रूस के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक बड़ी मुलाकात हुई है। ओमान के डिप्टी प्रधानमंत्री H.H. Sayyid Theyazin और रूस के आर्थिक विकास मंत्री Maxim Reshetnikov ने मिलकर निवेश और व्यापार के नए मौकों पर चर्चा की। दोनों देशों का मकसद जरूरी सेक्टरों में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना और पार्टनरशिप को बढ़ाना है।

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ओमान और रूस की इस मीटिंग का मुख्य मकसद क्या था?

इस मीटिंग का सबसे बड़ा लक्ष्य दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को आगे ले जाना था। चर्चा इस बात पर हुई कि प्राथमिकता वाले सेक्टरों में निवेश के नए मौके कैसे तलाशे जाएं। ओमान सरकार अपने Vision 2040 के तहत अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर दुनिया के साथ जोड़ना चाहती है, वहीं रूस ओमान को खाड़ी देशों के बाजार में पहुँचने का एक अच्छा जरिया मानता है।

व्यापार बढ़ाने के लिए अब तक क्या समझौते हुए हैं?

ओमान और रूस के बीच पहले से कई महत्वपूर्ण समझौते हो चुके हैं। इसमें 1994 का व्यापार और तकनीकी सहयोग समझौता शामिल है, जिसमें सितंबर 2025 में बदलाव किए गए। इसके अलावा 2023 में टैक्स से जुड़े नियमों और वीजा छूट पर भी सहमति बनी थी। अप्रैल 2025 में सुल्तान हैथम बिन तारिक और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 9 अहम समझौतों (MoUs) पर सहमति जताई थी, जिनमें जलवायु परिवर्तन, ट्रांसपोर्ट और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने जैसे मुद्दे शामिल थे।

इन संस्थाओं की होगी इस पार्टनरशिप में बड़ी भूमिका

  • Oman Investment Authority: यह संस्था रूसी एजेंसियों के साथ मिलकर निवेश पर काम करेगी।
  • Roscongress Foundation: व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।
  • Oman Chamber of Commerce and Industry (OCCI): बिजनेस लेवल पर सहयोग बढ़ाने का काम करेगी।
  • Oman-Russia Business Council: दोनों देशों के व्यापारियों को एक साथ लाने में मदद करेगी।