ओमान के सलालाह पोर्ट (Salalah Port) पर हुए ड्रोन हमले के बाद खाड़ी देशों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस हमले में पोर्ट पर काम करने वाला एक विदेशी प्रवासी कर्मचारी घायल हुआ है और मशीनों को मामूली नुकसान पहुँचा है। ओमान के अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और सभी महत्वपूर्ण आर्थिक ठिकानों की सुरक्षा को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया गया है।

हमले की मुख्य जानकारी और प्रवासियों पर असर

यह हमला 28 मार्च की रात और 29 मार्च 2026 की सुबह के बीच हुआ जब दो ड्रोन ने सलालाह पोर्ट को निशाना बनाया। इस घटना का सीधा असर वहां काम करने वाले विदेशी कामगारों पर पड़ा है।

  • घायल व्यक्ति: हमले में एक विदेशी प्रवासी कर्मचारी को मध्यम चोटें आई हैं जिसका इलाज चल रहा है।
  • संपत्ति का नुकसान: पोर्ट पर मौजूद एक क्रेन को मामूली नुकसान पहुंचा है।
  • कामकाज: नुकसान के आकलन के लिए पोर्ट पर संचालन को कुछ समय के लिए रोका गया था।
  • सुरक्षा उपाय: समुद्री और व्यापारिक केंद्रों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

ओमान सरकार और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

ओमान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। ओमान ने साफ किया है कि वह क्षेत्र में शांति बनाए रखने और अपनी निष्पक्षता की नीति पर कायम रहेगा।

पक्ष बयान और स्थिति
Oman Foreign Ministry अभी जांच जारी है और किसी खास पक्ष पर आरोप नहीं लगाया है।
Armed Forces of Iran रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि निशाना अमेरिकी जहाज था।
Saudi Arabia सऊदी ने इसे ईरानी हमला बताते हुए ओमान के साथ एकजुटता जाहिर की है।
Qatar कतर ने इस घटना को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है।

ओमान के अधिकारियों ने निवासियों और वहां रह रहे प्रवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सीमा और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।