ओमान के विरासत और पर्यटन मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब शन्ना पुरातात्विक स्थल को UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में शामिल करने की तैयारी कर रही है। यह कदम ओमान की पुरानी संस्कृति को दुनिया के सामने लाने और पर्यटन को बढ़ाने के लिए लिया गया है।

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शन्ना पुरातात्विक स्थल की क्या है खासियत?

  • यह साइट उत्तर शरीकिया के अल काबिल इलाके में स्थित है।
  • यहाँ मधुमक्खी के छत्ते के आकार की पुरानी कब्रें हैं, जो लगभग 3000 ईसा पूर्व यानी अर्ली ब्रोंज एज के समय की हैं।
  • यहाँ चट्टानों पर बनी कलाकृतियां और प्राचीन अवशेष मिले हैं, जो हजारों साल पुराने मानवीय जीवन की जानकारी देते हैं।
  • यह जगह इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए अरब प्रायद्वीप की पुरानी सभ्यताओं को समझने का एक मुख्य जरिया है।

सरकार इस दिशा में क्या कदम उठा रही है?

विरासत और पर्यटन मंत्रालय (MHT) इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख कर रहा है। पिछले हफ्ते मंत्रालय और हाउसिंग और अर्बन प्लानिंग के अधिकारियों ने मिलकर शन्ना साइट का दौरा किया। इस दौरे का मकसद यह देखना था कि शहर के विकास के साथ-साथ इस ऐतिहासिक जगह को कैसे सुरक्षित रखा जाए। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि इस दौरे में साइट और उसके आसपास के इलाकों की पूरी जांच की गई। साथ ही, साइट की पहचान को बरकरार रखते हुए इसे लंबे समय तक बचाने के लिए जरूरी नियमों और तालमेल पर चर्चा की गई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शन्ना साइट को UNESCO लिस्ट में क्यों डाला जा रहा है?

इसका मकसद ओमान की ऐतिहासिक संपत्तियों को बचाना, उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाना और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

शन्ना साइट कितनी पुरानी है और यहाँ क्या मिलता है?

यह साइट लगभग 3000 ईसा पूर्व की है। यहाँ अर्ली ब्रोंज एज के समय की मधुमक्खी के छत्ते जैसी कब्रें और प्राचीन रॉक आर्ट मौजूद हैं।