ओमान के Sohar Port और Freezone में 13 मार्च 2026 से फिर से कामकाज पूरी तरह शुरू हो गया है। गल्फ ऑफ ओमान में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा कारणों से इस पोर्ट पर कुछ समय के लिए कामकाज रोक दिया गया था। ब्लूमबर्ग और सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट के अनुसार अब यहाँ समुद्री यातायात सामान्य होने लगा है। यह पोर्ट ओमान के व्यापार के लिए एक बहुत अहम रास्ता माना जाता है।

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जहाजों के लिए क्या हैं नए नियम?

पोर्ट पर काम तो शुरू हो गया है लेकिन जहाजों के लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं। इस इलाके में GPS सिग्नल कमज़ोर होने की रिपोर्ट मिली है, इसलिए पोर्ट में आने वाले सभी जहाजों को बहुत सावधानी बरतने को कहा गया है।

जहाजों को अपनी लोकेशन चेक करने के लिए दूसरे सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा पोर्ट की सुरक्षा ISPS लेवल 1 पर रखी गई है और निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी जहाजों को Harbour Master के सीधे निर्देशों का पालन करना होगा और VTS (Vessel Traffic Services) के साथ हमेशा संपर्क में रहना होगा।

इंश्योरेंस और पोर्ट की सुरक्षा पर क्या है अपडेट?

पोर्ट खुलने के बावजूद इंटरनेशनल P&I क्लबों ने ऑटोमैटिक वॉर-रिस्क कवर को हटा लिया है। इसका मतलब है कि Sohar पोर्ट पर आने वाले जहाजों को अब हर यात्रा के लिए अलग से अप्रूवल लेना होगा और इसके लिए उन्हें अतिरिक्त इंश्योरेंस प्रीमियम भी देना पड़ सकता है।

ओमान के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है ताकि सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए। समुद्री मामलों के जानकारों का मानना है कि Sohar पोर्ट Strait of Hormuz से बाहर है, इसलिए मौजूदा हालात में इस पोर्ट का चालू रहना पूरे गल्फ क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स के लिए बहुत ज़रूरी है। Harbour Master के अनुसार जब तक कोई नया निर्देश नहीं आता तब तक सभी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.