ओमान के सोहार तट के पास समुद्र में एक बड़े ऑयल टैंकर Settebello के इंजन रूम में भीषण आग लग गई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) और अमेरिकी सेना ने इस घटना की पुष्टि की है। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 3 नाविक अभी भी लापता हैं। अमेरिकी सेना ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने पर उन्होंने इस जहाज पर कार्रवाई की थी।
अमेरिकी सेना ने हमले को लेकर क्या बड़ा दावा किया है?
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, उनके एक विमान ने 9 जून 2026 की रात को इस जहाज के इंजन रूम पर सटीक निशाना साधते हुए हमला किया था। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह टैंकर ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब जहाज के क्रू ने बात नहीं मानी, तो अमेरिकी सेना ने इसे निष्क्रिय करने के लिए कार्रवाई की।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा और रेस्क्यू ऑपरेशन का क्या है अपडेट?
इस ऑयल टैंकर पर कुल 24 भारतीय नाविक मौजूद थे। ओमान की नौसेना ने तुरंत मदद के लिए कदम बढ़ाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन 3 नाविक अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। एक नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ है। भारत सरकार और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) ने वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले इस तरह के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रभावित ऑयल टैंकर का नाम क्या है और इसे कौन संचालित करता है?
प्रभावित टैंकर का नाम Settebello है, जो पलाऊ के झंडे के साथ चल रहा था। इस 47,198 टन क्षमता वाले टैंकर का संचालन संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी IOS Marine – FTZ करती है।
यह घटना ओमान के किस इलाके में और कब हुई?
यह घटना ओमान के सोहार से 21 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुई। अमेरिकी सेना ने इस पर 9 जून 2026 को हमला किया था, जिसके बाद 11 जून 2026 को आग लगने और रेस्क्यू ऑपरेशन की रिपोर्ट सामने आई।
