ओमान के विदेश मंत्री सय्यद बद्र अल बुसाइड ने 25 अप्रैल 2026 को मस्कट में सोमालिया के विदेश मंत्री अहमद मोअल्लिम फिकी से मुलाकात की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना था। साथ ही, हॉर्न ऑफ अफ्रीका इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

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मस्कट में हुई इस मीटिंग का क्या था मकसद?

ओमान और सोमालिया के विदेश मंत्रियों ने मस्कट में मिलकर आपसी सहयोग बढ़ाने पर बात की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि हॉर्न ऑफ अफ्रीका में शांति होना बहुत जरूरी है। इस मुलाकात के जरिए दोनों देशों ने एक-दूसरे की मदद करने और राजनयिक संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश की। यह बैठक दोनों देशों के बीच पुराने और ऐतिहासिक रिश्तों को और गहरा करने की एक कड़ी थी।

सोमालिया की एकता और संप्रभुता पर ओमान का रुख

ओमान ने हमेशा से सोमालिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय एकता का पूरा समर्थन किया है। 18 और 19 अप्रैल 2026 को ओमान ने कई अन्य अरब और इस्लामिक देशों के साथ मिलकर इसराइल के एक फैसले की कड़ी निंदा की थी। इसराइल ने सोमालीलैंड में एक राजनयिक दूत नियुक्त करने का ऐलान किया था, जिसे ओमान ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन बताया।

ओमान का कहना है कि इस तरह के एकतरफा कदम किसी भी देश की एकता को नुकसान पहुँचाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति पर बुरा असर पड़ सकता है। ओमान ने साफ किया कि वह सोमालिया की कानूनी संस्थाओं को ही वहां के लोगों का एकमात्र प्रतिनिधि मानता है। इससे पहले जून 2025 में भी दोनों देशों के राजदूतों ने तंजानिया में मिलकर सहयोग बढ़ाने पर बात की थी।