ओमान के साउथ अल शार्किया (South Al Sharqiyah) प्रांत में बिजनेस और निवेश के मामले में बड़ी तेजी देखी गई है। साल 2026 की पहली तिमाही के दौरान यहां बड़ी संख्या में नए व्यापारिक और औद्योगिक काम शुरू हुए हैं। ओमान विजन 2040 के तहत उठाए जा रहे सरकारी कदमों से इस इलाके को आर्थिक रूप से काफी मजबूती मिल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में विदेशी निवेश के साथ-साथ स्थानीय व्यापार को भी काफी बढ़ावा मिला है जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
साउथ अल शार्किया में किस क्षेत्र में कितना हुआ विकास?
वाणिज्य, उद्योग और निवेश संवर्धन मंत्रालय के तहत काम करने वाले विभाग के निदेशक खालिद बिन हमद अल सादी ने बताया कि इस क्षेत्र के पास समुद्री तट, खेती के लिए सही जमीन और खनिज संसाधन जैसी कई खास चीजें हैं जो बिजनेस को बढ़ावा देती हैं। पहली तिमाही में हुए इस विकास के आंकड़ों को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देख सकते हैं।
| गतिविधि का नाम | Q1 2026 में नए रजिस्ट्रेशन/लाइसेंस | कुल संख्या |
|---|---|---|
| नए कमर्शियल रजिस्ट्रेशन | 451 | 20,933 |
| कमर्शियल लाइसेंस | 2,563 | 27,174 |
| ऑटोमैटिक लाइसेंस | 3,205 | 45,938 |
| इंडस्ट्रियल लाइसेंस | 454 | 8,647 |
| विदेशी निवेश रजिस्ट्रेशन | 23 | 1,700 |
| सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन | 6,478 | – |
अलग-अलग इलाकों और क्षेत्रों में बिजनेस की क्या स्थिति है?
नए कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के मामले में जालान बानी बू अली सबसे आगे रहा जहां 208 नए रजिस्ट्रेशन हुए। इसके बाद सूर में 114, मसीराह में 56, जालान बानी बू हसन में 48 और अल कामिल वाल वाफी में 25 नए रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए। कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टिंग यानी निर्माण ठेकेदारी इस इलाके में सबसे लोकप्रिय काम बनकर उभरा है जिसमें कुल 1,432 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। निर्यात के मामले में भी काफी तेजी आई है और सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन में पिछले साल के मुकाबले 195.1 फीसदी की भारी बढ़त दर्ज की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साउथ अल शार्किया में सबसे ज्यादा नए बिजनेस रजिस्ट्रेशन किस जगह हुए?
साल 2026 की पहली तिमाही में सबसे ज्यादा नए कमर्शियल रजिस्ट्रेशन जालान बानी बू अली में हुए जहां 208 नए पंजीकरण दर्ज किए गए।
इस प्रांत में सबसे लोकप्रिय व्यावसायिक गतिविधि कौन सी है?
निर्माण ठेकेदारी (कन्स्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टिंग) इस प्रांत में सबसे लोकप्रिय गतिविधि है जिसके लिए अब तक कुल 1,432 लाइसेंस दिए जा चुके हैं।
