ओमान सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए नए और सख्त नियम लागू किए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से जहाजों का आना-जाना सुरक्षित हो सके और वहां फंसे हजारों नाविकों को निकाला जा सके। ओमान ने इस पूरी योजना को International Maritime Organization (IMO) के साथ मिलकर तैयार किया है।

बनाए गए दो नए सुरक्षित रास्ते

ओमान ने जहाजों के लिए दो अस्थायी समुद्री रास्ते (corridors) तय किए हैं। इनमें से एक रास्ता उत्तर की तरफ है जो ईरान के समुद्री इलाके से गुजरता है, जबकि दूसरा रास्ता दक्षिण की तरफ है जो ओमान के समुद्री इलाके से होकर जाता है। पुराने रास्तों का इस्तेमाल अब असुरक्षित माना जा रहा है क्योंकि वहां बारूदी सुरंगों (mines) के होने की खबरें आई हैं।

जहाजों के लिए जरूरी नियम

  • तालमेल और निर्देश: जिन जहाजों को इन रास्तों का इस्तेमाल करना है, उन्हें IMO के साथ तालमेल बिठाना होगा। ओमान प्रशासन और IMO उन्हें बताएंगे कि किस दिन और किस रास्ते से उन्हें गुजरना है।
  • वेटिंग एरिया: जहाजों को सीधे आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय पानी में एक तय जगह पर इंतजार करना होगा।
  • संपर्क और पहचान: जहाजों के कैप्टन को अपना Automatic Identification System (AIS) चालू रखना होगा और लगातार तटीय अधिकारियों के संपर्क में रहना होगा। किसी भी खतरे की जानकारी तुरंत Oman Maritime Security Centre को देनी होगी।

कोई टोल टैक्स नहीं लगेगा

ओमान ने साफ किया है कि इन अस्थायी रास्तों से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल या शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते के तहत लिया गया है, जिसके तहत 60 दिनों तक मुफ्त रास्ता देने की बात कही गई है।

फंसे हुए नाविकों की रिहाई

इस पूरी योजना का एक बड़ा मकसद उन 11,000 से ज्यादा नाविकों और सैकड़ों व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है, जो मिडिल ईस्ट की खाड़ी में फंसे हुए थे। इसके लिए एक चरणबद्ध निकासी योजना (phased evacuation plan) शुरू की गई है।

भविष्य की तैयारी

ओमान और ईरान के विदेश मंत्रालयों ने मिलकर एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाया है। यह ग्रुप आने वाले समय में इस समुद्री रास्ते के मैनेजमेंट, सेवाओं और उनसे होने वाले खर्चों पर बातचीत करेगा ताकि भविष्य में यहां का कामकाज व्यवस्थित तरीके से चल सके। हालांकि, अभी भी स्थिति नाजुक है और जहाजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com