हार्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री सुरक्षा को पक्का करने के लिए ओमान ने एक बड़े कदम की घोषणा की है। ओमान के विदेश मंत्री Badr bin Hamad Al Busaidi ने 14 जुलाई 2026 को बताया कि इस समुद्री रास्ते पर आने-जाने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नए और लंबे समय तक चलने वाले ढांचे पर काम शुरू हो गया है। ओमान ने इस जिम्मेदारी को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत इस रास्ते को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं।
तनाव के बीच बातचीत का सिलसिला
यह पहल ऐसे समय पर शुरू हुई है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। हाल ही में 12 जुलाई 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ओमान के दुक्म पोर्ट पर हमला किया था, जिसे ओमान ने गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। इसके अलावा 14 जुलाई को ईरान की मिसाइलों ने यूएई के दो तेल टैंकरों Mombasa और Al Bahiyah को अपना निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पुष्टि की है कि ईरान और ओमान भविष्य में समुद्री यातायात के प्रबंधन पर तकनीकी चर्चा जारी रखेंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei के अनुसार, ये बातचीत अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभु अधिकारों का सम्मान करते हुए की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अमेरिका का रुख
क्षेत्र में बढ़ती अशांति को देखते हुए G7 देशों (जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन) ने 13 जुलाई को ईरान के हमलों की निंदा की और तनाव कम करने की मांग की। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 जुलाई को बयान दिया कि अमेरिका अब Strait of Hormuz की सुरक्षा की कमान संभाल रहा है और इसके लिए उसे मुआवजा दिया जाएगा। इन हमलों और तनाव के चलते इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है।
