Oman मेंभीख मांगने पर सख्त कानून, पकड़े जाने पर होगी जेल और भारी जुर्माना, प्रवासी ध्यान दें.

ओमान में सार्वजनिक जगहों पर भीख मांगने वालों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल और पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने देश में साफ कर दिया है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान, मस्जिद, दुकान या सड़क पर भीख मांगना पूरी तरह से गैरकानूनी है। सरकार देश में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रख रही है। अधिकारियों ने आम जनता और प्रवासियों को याद दिलाया है कि इस तरह की गतिविधियों से सख्ती से निपटा जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ओमान पेनल कोड के तहत क्या है सजा का प्रावधान
ओमान के पेनल कोड के Article 297 के मुताबिक जो कोई भी व्यक्ति भीख मांगते हुए पकड़ा जाता है, उसे 1 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा कोर्ट द्वारा 50 से 100 ओमानी रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से जो भी पैसे या नकदी बरामद होती है, उसे जब्त करने का पूरा अधिकार अदालत के पास सुरक्षित रहता है। अगर कोई व्यक्ति इस अपराध को बार-बार करता है, तो उसके लिए सजा का प्रावधान दोगुना कर दिया जाता है, जिसमें 6 महीने से 2 साल तक की जेल हो सकती है।
प्रवासी नागरिकों के लिए चेतावनी और डिपोर्टेशन का नियम
ओमान में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर बहुत जरूरी है क्योंकि कानून तोड़ने वाले विदेशी नागरिकों को सजा काटने के बाद देश से बाहर यानी डिपोर्ट भी किया जा सकता है। इस नियम की पूरी जानकारी Muscat Daily की रिपोर्ट में भी साझा की गई है। सरकार साफ कर चुकी है कि देश की छवि और सुरक्षा को खराब करने वाली ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग वैध दस्तावेजों के साथ ओमान में नौकरी या व्यापार कर रहे हैं, उन्हें इन स्थानीय कानूनों का कड़ाई से पालन करना चाहिए ताकि किसी भी बड़ी कानूनी मुसीबत से बचा जा सके।
बच्चों के इस्तेमाल पर और भी सख्त कार्रवाई
कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मजबूरी साबित कर देता है कि उसके पास कमाई का कोई दूसरा साधन नहीं है और वह शारीरिक रूप से असमर्थ है, तो अदालत कुछ मामलों में छूट दे सकती है। लेकिन बच्चों का इस्तेमाल इस काम के लिए करने वालों को बिल्कुल माफ नहीं किया जाता है। पेनल कोड के Article 298 के तहत अगर कोई किसी नाबालिग बच्चे को भीख मांगने के लिए इस्तेमाल करता है या भिखारियों को सौंपता है, तो यह गंभीर अपराध माना जाता है। इसके लिए 3 महीने से 3 साल तक की जेल और 50 से 100 ओमानी रियाल का जुर्माना तय किया गया है। अगर आरोपी बच्चे का अभिभावक या संरक्षक निकलता है, तो इन सजाओं को दोगुना कर दिया जाता है।
विभागों की मिलीजुली कार्रवाई
ओमान की सरकार इस बुराड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए कई विभागों को एक साथ मिलकर काम करवा रही है। इसमें Supreme Judicial Council, Public Prosecution, Ministry of Social Development, Royal Oman Police और Ministry of Labour सभी मिलकर इस अवैध काम के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि समाज में भीख मांगना एक बुरी प्रथा है और इसे एक दंडनीय अपराध के रूप में देखा जाता है। आम नागरिकों और भारत से जाने वाले प्रवासियों को भी सलाह दी जाती है कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी तरह के संदेह होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें।