ओमान के तट पर एक मिलिट्री हमले में अपने पति को खोने वाली पत्नी ने अब केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। चीफ इंजीनियर Patnala Suresh के पार्थिव शरीर के विशाखापट्टनम पहुँचने के बाद उनकी पत्नी Bhargavi ने मुआवजे और परिवार की मदद को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि दूसरे देशों के झगड़े में भारतीय नाविकों की जान क्यों जानी चाहिए।
क्या था पूरा मामला
10 जून 2026 को MT Settebello नाम के कमर्शियल जहाज पर मिलिट्री हमला हुआ था। इस हमले में चीफ इंजीनियर Patnala Suresh, डेक कैडेट Aditya Sharma और फिटर Shivanand Chaurasiya की मौत हो गई। वहीं सेकंड ऑफिसर Nishanth Uirthanathan की जान समय पर इलाज न मिलने के कारण चली गई। Patnala Suresh का शव 19 जून 2026 को उनके गृह नगर विशाखापट्टनम लाया गया।
परिजनों की मांग और दर्द
मृतक नाविकों के परिवारों का कहना है कि उन्हें सरकार की तरफ से सही जानकारी नहीं मिल रही है। Patnala Suresh की पत्नी Bhargavi ने PMO और अमेरिकी सरकार से मदद की अपील की है। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक न तो कोई मुआवजा मिला है और न ही उनके पति का सामान वापस मिला है। इसी तरह Shivanand Chaurasia और Nishanth Uirthanathan की पत्नियों ने भी न्याय और अपने बच्चों के भविष्य के लिए सरकार से गुहार लगाई है।
सरकार और एक्सपर्ट्स का क्या कहना है
भारत के विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के सामने इस हमले पर कड़ा विरोध जताया था। जवाब में अमेरिकी सरकार ने कहा कि Strait of Hormuz में सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिका के आदेशों का पालन करना होगा। विदेशी मामलों के एक्सपर्ट Robinder Sachdev ने इस घटना को वार क्राइम बताया है और सुझाव दिया है कि परिवार अमेरिकी सरकार से मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
मुआवजे की मांग
Forward Seamen’s Union of India (FSUI) ने मांग की है कि अमेरिका इन चार नाविकों के परिवारों को कुल 5 मिलियन डॉलर, जो कि लगभग 47 करोड़ रुपये से अधिक है, का मुआवजा दे। इसके अलावा, Seafarers’ Welfare Fund Society (SWFS) और DG Shipping के नियमों के तहत भी कुछ वित्तीय सहायता का प्रावधान है, जिसकी जानकारी परिजनों को दी जानी है।