ओमान और सूडान ने व्यापार और बंदरगाहों को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने आपस में हाथ मिलाया है ताकि सामान लाने-ले जाने के सिस्टम यानी लॉजिस्टिक्स और पोर्ट्स को और मजबूत किया जा सके। इसके लिए एक औपचारिक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

24 जून 2026 को ओमान के परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MTCIT) और Asyad Group ने सूडान के बुनियादी ढांचा और परिवहन मंत्रालय के साथ मिलकर यह समझौता किया। इस मीटिंग में ओमान की तरफ से मंत्री Eng. Said bin Hamoud al Maawali और Asyad Ports and Free Zones के CEO Eng. Omar bin Mahmoud al Mahrizi शामिल थे। वहीं सूडान की तरफ से बुनियादी ढांचा और परिवहन मंत्री Saif al Nasr al Tijani और सूडान सी पोर्ट्स कॉर्पोरेशन के सलाहकार Jilani Mohammed मौजूद रहे।

किन चीजों पर होगा काम

इस समझौते का मुख्य मकसद बंदरगाहों की प्लानिंग और उनके विकास को बेहतर बनाना है। इसमें बुनियादी ढांचे, समुद्री सुविधाओं और सप्लाई चेन को सुधारने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, दोनों देश विशेषज्ञों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम और वर्कशॉप भी चलाएंगे ताकि बंदरगाहों के मैनेजमेंट में नई डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा सके। इससे दोनों देशों के बीच समुद्री व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

सूडान की अपनी शिपिंग लाइन की वापसी

इसी बीच सूडान ने एक और बड़ा ऐलान किया है। 23 जून 2026 को सूडान ने अपनी नेशनल शिपिंग लाइन Sudan Line को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। यह सेवा पिछले नौ सालों से बंद थी। सूडान का लक्ष्य अब विदेशी जहाजों पर निर्भरता कम करना और अपनी आर्थिक सुरक्षा को बढ़ाना है।

सूडान के परिवहन मंत्री Saif Al-Nasr Al-Tijani ने बताया कि उनका लक्ष्य 60 जहाजों का बेड़ा तैयार करना है। इससे सूडान के बंदरगाह पूरे अफ्रीका के लिए एक बड़ा गेटवे बन सकेंगे। इस कदम से सामान ढोने और रखरखाव का खर्च करीब 40 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है, जिससे महंगाई कम होगी और जरूरी चीजों की सप्लाई आसान होगी।