ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक इन दिनों दुनिया भर के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनका मकसद है कि बातचीत और डिप्लोमेसी के ज़रिए क्षेत्रीय झगड़ों को खत्म किया जाए। हाल ही में उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात कर शांति और स्थिरता पर ज़ोर दिया है ताकि दुनिया में तनाव कम हो सके।
सुल्तान हैथम और ईरान के विदेश मंत्री की मुलाकात में क्या हुआ?
26 अप्रैल 2026 को सुल्तान हैथम बिन तारिक ने अल बरका पैलेस में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति सबसे ज़रूरी रास्ता है। सुल्तान ने बताया कि इस तरीके से शांति की नींव मजबूत होगी और संकटों का असर कम होगा। ईरान के विदेश मंत्री ने ओमान के इस मददगार रवैये और क्षेत्रीय सुरक्षा में उसके योगदान की तारीफ की।
ओमान ने दूसरे देशों के साथ क्या चर्चा की?
ओमान सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि कई अन्य देशों के साथ भी लगातार संपर्क में है ताकि स्थिरता बनी रहे। पिछले कुछ दिनों में हुई प्रमुख मुलाकातें इस प्रकार हैं:
- सोमालिया: 25 अप्रैल को ओमान के विदेश मंत्री सय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी ने सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दुलसलाम अब्दी अली से मुलाकात की। ओमान ने सोमालिया की एकता और उसकी संप्रभुता का पूरा समर्थन किया।
- सूडान: 21 अप्रैल को सुल्तान हैथम ने सूडान के राष्ट्रपति अब्देल फतता अल-बुरहान के साथ आधिकारिक बातचीत की।
- कतर: 16 अप्रैल को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और सुल्तान हैथम ने क्षेत्रीय विकास और तनाव कम करने पर चर्चा की।
- फ्रांस: 15 अप्रैल को फ्रांस के साथ रणनीतिक बातचीत का पहला दौर पेरिस में आयोजित किया गया।
ओमान की विदेश नीति और दुनिया में उसकी भूमिका क्या है?
ओमान की विदेश नीति हमेशा तटस्थ रहने और सभी देशों के साथ खुले संवाद की रही है। ओमान किसी के खिलाफ खड़ा होने के बजाय पुल बनाने का काम करता है। इसी वजह से ओमान ने अमेरिका द्वारा कराए गए इसराइल-लेबनान युद्धविराम का स्वागत किया। साथ ही, ओमान ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम की भी सराहना की और इस काम में पाकिस्तान की भूमिका को सराहा। ओमान का मानना है कि कूटनीतिक प्रयासों से ही लंबे समय तक स्थिरता लाई जा सकती है।