सल्तनत ऑफ ओमान ने ईरान के राजदूत Mousa Farhang को आधिकारिक तौर पर तलब किया है। यह कदम ओमान के Musandam और Al Wusta गवर्नरेट में हुए ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया है। मस्कट में विदेश मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी Shaikh Khalid bin Hashil al Musalhi ने ईरान के राजदूत को बुलाकर अपना विरोध पत्र सौंपा।
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घटना को लेकर ओमान की कड़ी आपत्ति
इस बैठक के दौरान ओमान ने इन हमलों पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। ओमान सरकार ने इसे एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत करार दिया है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए और पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।
ओमान ने इस बात पर खास ध्यान दिलाया है कि दो पड़ोसी देशों के बीच आपसी सम्मान और नैतिक सिद्धांतों का पालन करना बेहद जरूरी है। ओमान की ओर से यह सख्त कदम ड्रोन हमलों को लेकर देश की गंभीर चिंता को जाहिर करता है।
