ओमान अब दुनिया में ग्रीन एनर्जी का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है। Sultan Qaboos University (SQU) की एक नई रिसर्च में सामने आया है कि थुमरैत (Thumrait) और मरमुल (Marmul) इलाके ग्रीन हाइड्रोजन के निवेश के लिए सबसे सही जगह हैं। इस कदम से ओमान को पर्यावरण सुधारने और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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यूनिवर्सिटी की रिसर्च में हुआ खुलासा

Sultan Qaboos University के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से डॉ. नवेद नासिरी (Dr. Naveed Nasiri) के नेतृत्व में यह रिसर्च की गई। 20 जून 2026 को जारी इस रिपोर्ट में बताया गया कि ओमान के दक्षिणी हिस्सों में ग्रीन हाइड्रोजन बनाने की जबरदस्त क्षमता है। यह पूरी कोशिश ओमान के विजन 2040 और साल 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन (Net-zero emissions) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए की जा रही है।

क्यों खास हैं थुमरैत और मरमुल

शोधकर्ताओं ने ओमान के 14 अलग-अलग इलाकों की जांच की। इसमें हवा की रफ्तार, पैसा लगाने में होने वाला फायदा और काम करने की सहूलियत जैसे पॉइंट्स को देखा गया। रिसर्च में पाया गया कि थुमरैत और मरमुल में साल भर अच्छी हवा चलती है, जिससे पवन चक्कियों (Wind Turbines) को लगातार चलाया जा सकता है और बिना रुके ग्रीन हाइड्रोजन बनाई जा सकती है।

फायदे और आने वाली चुनौतियां

अगर इन इलाकों में बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट शुरू होते हैं, तो इससे हर साल हजारों टन कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा। इससे ओमान भविष्य में दुनिया को ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी बेचने वाले बड़े देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। हालांकि, इस काम में कुछ मुश्किलें भी हैं:

  • पानी की कमी: हाइड्रोजन बनाने के लिए इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया में पानी की जरूरत होती है, जो इन इलाकों में कम है।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर: ये इलाके काफी दूर-दराज के हैं, इसलिए वहां सड़कें और बिजली जैसी सुविधाओं को बढ़ाना होगा।

इन समस्याओं को सुलझाने के लिए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि विंड फार्म्स के साथ पानी के वैकल्पिक स्रोतों को जोड़ा जाए और बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाए।