ओमान सरकार ने फारस की खाड़ी में फंसे 11,000 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदईवी ने इस पहल का स्वागत किया है। इस पूरे ऑपरेशन को इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है ताकि फंसे हुए समुद्री कर्मचारियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।

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नाविकों को निकालने के लिए ओमान ने एक अस्थायी समुद्री रास्ता (Maritime Corridor) बनाया है। इस रास्ते के दो हिस्से हैं, एक दक्षिणी रूट जो ओमान के पानी में है और दूसरा उत्तरी रूट जो ईरान के तट के किनारे है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि पुराना रास्ता (Traffic Separation Scheme) अब सुरक्षित नहीं रहा और वहां बारूदी सुरंगें होने की आशंका है।

नियम और प्रक्रिया

इस ऑपरेशन को चरणों में पूरा किया जाएगा। IMO खुद जहाजों से संपर्क करेगा और उन्हें निकलने के लिए तारीख तय करके देगा। जहाजों के लिए कुछ जरूरी नियम रखे गए हैं:

  • जहाजों को अपना AIS सिस्टम चालू रखना होगा।
  • शिप मालिकों को यात्रा से पहले खुद जोखिम की जांच करनी होगी।
  • ओमान सरकार ने साफ किया है कि इस रास्ते के लिए कोई टोल या फीस नहीं ली जाएगी।

हमले के बाद काम रुका

यह पूरा प्लान अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद शुरू हुआ था। लेकिन 25 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में एक मर्चेंट जहाज पर हमला हुआ। इस घटना के बाद IMO ने सुरक्षा कारणों से इस ऑपरेशन को फिलहाल रोक दिया है। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि यह ब्रेक इसलिए लिया गया है ताकि यह पक्का किया जा सके कि जहाजों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मौजूद हैं या नहीं।

इस बीच कुछ जहाज सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग (ICS) ने इस प्लान की तारीफ की थी, लेकिन BIMCO जैसी संस्थाओं ने हमले के बाद चिंता जताई है और जहाज मालिकों को सावधान रहने को कहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.