ओमान की अर्थव्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। साल 2026 के पहले तीन महीनों यानी जनवरी से मार्च के बीच ओमान के व्यापार में फायदा दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह सरप्लस 1.54 अरब ओमानी रियाल रहा है।

नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन (NCSI) ने 20 जून 2026 को ये आंकड़े जारी किए। अगर पिछले साल की बात करें, तो 2025 के पहले तीन महीनों में यह सरप्लस 1.53 अरब रियाल था, जिसमें इस बार मामूली बढ़ोतरी हुई है।

व्यापार के आंकड़ों की पूरी जानकारी

इस बार व्यापार के आंकड़ों में कई बदलाव देखने को मिले हैं। जहाँ एक तरफ निर्यात (Exports) में कमी आई है, वहीं आयात (Imports) में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिसकी वजह से व्यापार संतुलन बना रहा।

विवरण 2026 की पहली तिमाही बदलाव/स्थिति
कुल व्यापार सरप्लस 1.54 अरब रियाल मामूली बढ़ोतरी
कुल निर्यात 5.3 अरब रियाल 8.5% की कमी
तेल और गैस निर्यात 3.4 अरब रियाल 13% की कमी
गैर-तेल निर्यात 1.61 अरब रियाल 0.6% की कमी
कुल आयात 3.8 अरब रियाल 11.7% की कमी
री-एक्सपोर्ट (पुनः निर्यात) 367 मिलियन रियाल 4.6% की बढ़ोतरी

प्रमुख व्यापारिक साझेदार

यूएई (UAE) ओमान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। ओमान के गैर-तेल निर्यात के लिए यूएई सबसे बड़ी मंज़िल रहा, जहाँ 382 मिलियन रियाल का माल भेजा गया। साथ ही, आयात के मामले में भी यूएई सबसे ऊपर रहा और यहाँ से 1.1 अरब रियाल का सामान ओमान आया।

  • गैर-तेल निर्यात: यूएई के बाद सऊदी अरब (201 मिलियन रियाल) और भारत (156 मिलियन रियाल) मुख्य रहे।
  • पुनः निर्यात (Re-exports): यूएई (102 मिलियन रियाल) और सऊदी अरब (102 मिलियन रियाल) के साथ ईरान (48 मिलियन रियाल) अहम रहे।
  • आयात: यूएई के बाद चीन दूसरे नंबर पर रहा, जहाँ से 537 मिलियन रियाल का आयात हुआ, जबकि सऊदी अरब से 308 मिलियन रियाल का सामान आया।