ओमान में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और स्थानीय कामगारों के लिए श्रम मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रालय ने Ministerial Decision No. 284/2026 के जरिए ट्रेड यूनियन के गठन और उनके कामकाज को लेकर नया नियम लागू किया है। यह फैसला 9 जुलाई 2026 को जारी किया गया था और 12 जुलाई 2026 को इसे सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया है, जिसका मकसद श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और मालिकों के साथ उनके संबंधों को और मजबूत बनाना है।
ट्रेड यूनियन और अधिकारों में बड़ा बदलाव
नए नियमों के अनुसार, अब उन कंपनियों में ट्रेड यूनियन बनाना अनिवार्य है जहाँ 50 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। अगर किसी दफ्तर में इससे कम कर्मचारी हैं, तो वहाँ कम से कम तीन प्रतिनिधि चुने जा सकेंगे जो श्रमिकों की समस्याओं को उठाएंगे और नियमों की निगरानी करेंगे। मंत्रालय ने एक Legal Protection Committee का भी गठन किया है जो किसी भी विवाद या यूनियन सदस्यों के साथ होने वाले भेदभाव की जांच करेगी।
कंपनियों की नई जिम्मेदारियां
इस फैसले के तहत अब नियोक्ताओं (Employers) को कुछ खास सुविधाएं देनी होंगी। कंपनियों को यूनियन के लिए ऑफिस स्पेस, इंटरनेट और फोन की सुविधा देनी होगी। इसके साथ ही, प्रबंधन को यूनियन के साथ ट्रेनिंग, वेतन और अनुशासन से संबंधित डेटा साझा करना होगा, बशर्ते जानकारी गोपनीय रहे। मालिकों को अब यह अधिकार नहीं होगा कि वे बिना सहमति के यूनियन बोर्ड के सदस्यों का ट्रांसफर करें या उनके काम में किसी भी तरह की बाधा डालें।
अब ट्रेड यूनियन के पास यह शक्ति होगी कि वे सीधे कानूनी कार्यवाही शुरू कर सकें, कार्यस्थल के नियमों में अपना सुझाव दे सकें और सामूहिक समझौते कर सकें। इस बदलाव का उद्देश्य ओमान के लेबर मार्केट में कामगारों और मालिकों के बीच एक बेहतर और सुरक्षित तालमेल बिठाना है।
