ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (OIA) ने तुर्की की दो बड़ी कंपनियों, Samas Mining और Tekatron में निवेश के लिए समझौते किए हैं। इसके लिए 500 मिलियन डॉलर के एक जॉइंट फंड का इस्तेमाल किया गया है। यह डील इस्तांबुल में 9 मई 2026 को साइन हुई, जिससे ओमान अब नई तकनीकों और जरूरी खनिजों तक अपनी पहुँच बढ़ाएगा।
किन कंपनियों में किया निवेश और क्या होगा फायदा?
ओमान ने Samas Mining और Tekatron नाम की कंपनियों में पैसा लगाया है। Samas Mining सोडियम बेंटोनाइट बनाती है, जिसका इस्तेमाल तेल और गैस की ड्रिलिंग के साथ-साथ दवाओं और कॉस्मेटिक्स में होता है। यह खनिज दुनिया में सिर्फ दो जगहों पर मिलता है और इस कंपनी के पास करीब 200 साल का रिजर्व है। वहीं Tekatron कंपनी बिना ड्राइवर वाली मिलिट्री गाड़ियाँ बनाती है, जो बॉर्डर की सुरक्षा, निगरानी और सैन्य सामान पहुँचाने में काम आती हैं।
500 मिलियन डॉलर के जॉइंट फंड का पूरा हिसाब-किताब
इस निवेश के लिए Turkiye Oman Investment Company बनाई गई है, जिसमें ओमान और तुर्की दोनों के सॉवरेन फंड शामिल हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल फंड राशि | 500 मिलियन डॉलर |
| OIA (ओमान) का योगदान | 250 मिलियन डॉलर |
| OYAK (तुर्की) का योगदान | 250 मिलियन डॉलर |
| फंड स्थापना साल | 2025 |
| समझौते की तारीख | 9 मई 2026 |
| Samas Mining क्षमता लक्ष्य | 3 लाख टन प्रति वर्ष से ज्यादा |
| Samas Mining वर्तमान क्षमता | 1.6 लाख टन प्रति वर्ष |
ओमान के लिए इस डील का क्या मतलब है?
OIA के प्राइवेट मार्केट्स इन्वेस्टमेंट हेड इब्राहिम अल ईसरी ने बताया कि यह कदम ओमान की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के हिसाब से उठाया गया है। इसका मकसद तेल, गैस, लॉजिस्टिक्स और मिलिट्री उपकरणों जैसे जरूरी सेक्टरों को मजबूत करना है। इस निवेश से ओमान को सोडियम बेंटोनाइट जैसे जरूरी खनिज प्राथमिकता पर मिलेंगे और वह एडवांस डिफेंस सिस्टम की तकनीक को अपने देश में भी ला सकेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Samas Mining कंपनी क्या बनाती है और यह क्यों जरूरी है?
यह कंपनी सोडियम बेंटोनाइट बनाती है, जो तेल और गैस की ड्रिलिंग, इंडस्ट्री, मेडिकल और कॉस्मेटिक उत्पादों में इस्तेमाल होता है। ओमान इस निवेश के जरिए इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 3 लाख टन सालाना करना चाहता है।
Tekatron कंपनी का ओमान को क्या लाभ होगा?
Tekatron बिना ड्राइवर वाली मिलिट्री गाड़ियाँ बनाती है। इससे ओमान को बॉर्डर सुरक्षा और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स के लिए आधुनिक ग्राउंड सिस्टम मिलेंगे और वह इस तकनीक को अपने देश में विकसित कर सकेगा।
