ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की तैयारी में हैं। हाल ही में OPAZ के चेयरमैन H.E. Qais bin Mohammed Al Yousef ने अबू धाबी के उपाध्यक्ष Sheikh Mansour bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना था।

मुलाकात में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?

इस मीटिंग के दौरान दोनों नेताओं ने औद्योगिक एकीकरण (Industrial Integration) और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने पर बात की। बैठक में ऐसी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया गया जिससे पूरे क्षेत्र का विकास हो सके। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करने और आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए उठाया गया है।

UAE की नई आर्थिक रणनीति और ओमान के साथ संबंध

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब UAE ने 1 मई 2026 को OPEC और OPEC+ से अलग होने का फैसला किया है। UAE के उद्योग मंत्री Sultan Al Jaber ने बताया कि इस फैसले से देश को अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं और निवेश को तेजी से बढ़ाने की आजादी मिलेगी। UAE ऊर्जा मंत्री Suhail Al Mazrouei ने कन्फर्म किया कि UAE अब अन्य सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग (Bilateral Cooperation) के जरिए काम करेगा। ऐसे में ओमान के साथ आर्थिक तालमेल बढ़ाना UAE की नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

OPAZ क्या है और इसके चेयरमैन कौन हैं?

OPAZ का पूरा नाम पब्लिक अथॉरिटी फॉर स्पेशल इकोनॉमिक जोन्स एंड फ्री जोन्स है। इसके चेयरमैन H.E. Qais bin Mohammed Al Yousef हैं, जो ओमान के कॉमर्स, इंडस्ट्री और इन्वेस्टमेंट प्रमोशन मंत्री भी हैं।

UAE ने OPEC छोड़ने का फैसला क्यों लिया?

UAE ने अपनी राष्ट्रीय आर्थिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया है, ताकि वह निवेश और विस्तार में अधिक स्वायत्तता पा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.