ओमान के तट पर एक तेल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइल हमला होने की खबर है, जिसके बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस हमले के शिकार हुए पलाऊ-ध्वज वाले M/T Settebello टैंकर पर 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 3 नाविक अभी भी लापता हैं। भारत ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए नई दिल्ली में वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है और कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

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Settebello टैंकर पर क्या हुआ था और कितने भारतीय फंसे हैं?

पलाऊ के झंडे वाला केमिकल और तेल टैंकर M/T Settebello ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील दूर था, जब इस पर मिसाइल हमला हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में भयानक आग लग गई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन 3 नाविक अब भी लापता हैं। ओमान की नौसेना ने इस घटना के बाद मदद के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था।

अमेरिका ने क्यों किया मिसाइल हमला?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान पर लगाए गए जहाजरानी प्रतिबंधों को लागू करने का हिस्सा थी। अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू की है। CENTCOM का कहना है कि Settebello के चालक दल ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार उल्लंघन किया, जिसके बाद उन पर यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना के अनुसार, 8 जून को एक अन्य खाली टैंकर M/T Marivex को भी ईरानी बंदरगाह की तरफ जाने के कारण रोका गया था।

भारत सरकार ने इस घटना पर क्या कदम उठाया है?

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। नई दिल्ली में तैनात अमेरिकी राजनयिक को समन भेजकर भारत ने अपना मजबूत विरोध दर्ज कराया है। भारतीय अधिकारी लापता नाविकों की पहचान करने और उनकी खोज के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी Ambrey और UKMTO भी इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Settebello टैंकर पर अमेरिकी हमला कब और कहां हुआ था?

यह हमला 9 या 10 जून 2026 को ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुआ था।

इस जहाज पर कितने भारतीय नाविक सवार थे और कितनों को बचाया गया?

इस जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है और 3 नाविक अभी भी लापता हैं।