अमेरिका और ओमान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की तरफ से ओमान को मिली धमकियों के बाद ईरान ने इसका कड़ा विरोध किया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ओमान के साथ खड़े रहने की बात कही है और अमेरिकी बयानों की कड़ी निंदा की है। इस पूरे मामले से खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है।
अमेरिका ने ओमान को क्यों दी धमकी और क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ओमान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में टोल टैक्स वसूलने के लिए ईरान के साथ सहयोग किया, तो उस पर बेहद सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ओमान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर ओमान ने ईरान के साथ इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर कोई समझौता किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने ट्रंप के इस बयान को सोशल मीडिया पर बिना किसी सफाई या बदलाव के साझा भी किया था।
ईरान और ओमान के बीच क्या बातचीत हुई?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री बदर अल्बुसैदी से फोन पर लंबी बातचीत की। इस बातचीत में अराघची ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ओमान के जिम्मेदार रवैये की तारीफ की। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिकी धमकियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और राजनीतिक दादागिरी करार दिया है। हालांकि, ओमान के राजदूत ने अमेरिकी अधिकारियों को पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ओमान की होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई टोल टैक्स लगाने की योजना नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ओमान को क्या धमकी दी है?
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के साथ सहयोग करने पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।
इस विवाद पर ओमान और ईरान का क्या स्टैंड है?
ईरान ने अमेरिका की धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए ओमान का समर्थन किया है, जबकि ओमान ने स्पष्ट किया है कि उसकी होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल टैक्स लगाने की कोई योजना नहीं है।