ओमान के विदेश मंत्री और वेटिकन के राजदूत मस्कट में मिले। इस मुलाकात में दुनिया भर में शांति, सहनशीलता और आपसी भाईचारे को बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ दोस्ती और समझ को और मजबूत करने की बात कही।

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मुलाकात में किन खास बातों पर चर्चा हुई?

मस्कट में हुई इस मीटिंग में ओमान और वेटिकन के बीच दोस्ती और आपसी समझ को बढ़ाने पर बात हुई। इसमें अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात को माना कि सम्मान और सहनशीलता ही दुनिया में शांति लाने का सही रास्ता है।

पोप लियो XIV और ओमान की भूमिका पर क्या कहा गया?

ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad al Busaidi ने पोप Leo XIV की तारीफ की। उन्होंने कहा कि न्याय, शांति और युद्ध खत्म करने की पोप की अपील बहुत जरूरी है। वहीं, वेटिकन के राजदूत Archbishop Dr. Nicolas Henry Thevenin ने ओमान की शांति नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ओमान जिस तरह से संकटों को सुलझाने और मानवीय मदद करने का काम कर रहा है, वह काबिले तारीफ है।

मीटिंग में कौन-कौन शामिल था?

  • Sayyid Badr bin Hamad al Busaidi: ओमान के विदेश मंत्री।
  • Archbishop Dr. Nicolas Henry Thevenin: वेटिकन के राजदूत (Apostolic Nuncio)।
  • Munthir bin Mahfoudh al Mantheri: ओमान विदेश मंत्रालय के यूरोप विभाग के प्रमुख।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान और वेटिकन की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दुनिया में सहनशीलता, शांति और अलग-अलग धर्मों के बीच आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ावा देना था।

वेटिकन राजदूत ने ओमान के बारे में क्या कहा?

वेटिकन राजदूत ने ओमान की समझदारी भरी शांति नीति और संकटों को सुलझाने में उसकी भूमिका की तारीफ की।