ओमान की खाड़ी में एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद International Maritime Organization (IMO) ने अपने निकासी अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस फैसले से उन हज़ारों नाविकों और सैकड़ों जहाजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जो सुरक्षा कारणों से इस इलाके में फंसे हुए हैं। IMO ने कहा है कि जब तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो जाती, यह रोक जारी रहेगी।

यह घटना 25 जून 2026 की है, जब सिंगापुर के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज Ever Lovely पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। यह हमला ओमान के दहित (Dahit) से करीब 7.5 समुद्री मील दूर हुआ, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुँचा। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ और न ही पर्यावरण को कोई खतरा पहुँचा। खास बात यह है कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह IMO के निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था।

सुरक्षा को लेकर IMO का बड़ा फैसला

IMO के महासचिव Arsenio Dominguez ने साफ किया कि नाविकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। उन्होंने बताया कि निकासी योजना को इसलिए रोका गया है ताकि सुरक्षा की दोबारा जाँच की जा सके और यह पक्का किया जा सके कि इस क्षेत्र में जहाजों के लिए ज़रूरी सुरक्षा गारंटी मौजूद है।

बता दें कि IMO ने हाल ही में एक खास फ्रेमवर्क शुरू किया था ताकि मिडिल ईस्ट की खाड़ी और Strait of Hormuz में फंसे करीब 11,000 नाविकों और 600 जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसके लिए ओमान और ईरान के पानी के ज़रिए दो रास्ते तय किए गए थे, जिनकी निगरानी अमेरिका कर रहा था। इस योजना के तहत कुछ जहाज पहले ही सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं।

ईरान की चेतावनी और तनाव

दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 25 जून को चेतावनी दी कि Strait of Hormuz से सुरक्षित गुज़रने के लिए केवल ईरान द्वारा बताए गए रास्तों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। ईरान का कहना है कि उनके साथ तालमेल किए बिना तय किए गए रास्ते पूरी तरह खतरनाक और अस्वीकार्य हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.