ओमान सरकार ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मानव तस्करी करने वाले गिरोह आजकल सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर लोगों को अच्छी नौकरी का लालच दे रहे हैं। इन जालसाजों के झांसे में आकर लोग जबरन मजदूरी और साइबर अपराध जैसी गंभीर मुश्किलों में फंस रहे हैं।
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कानूनी कार्रवाई और दंड का प्रावधान
ओमान ने मानव तस्करी रोकने के लिए अपने कानून को और मजबूत किया है। Royal Decree No. 78/2025 के तहत, इस तरह के अपराधों में लिप्त पाए जाने पर 3 से 10 साल तक की जेल और 5,000 से 1,00,000 OMR तक का जुर्माना हो सकता है। गंभीर मामलों में यह सजा 7 से 15 साल तक बढ़ सकती है।
अधिकारियों की सलाह
नेशनल कमेटी फॉर कॉम्बैटिंग ह्यूमन ट्रैफिकिंग (NCCHT) के अध्यक्ष H.E. Sheikh Khalifa bin Ali Al Harthy ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी इंसान की गरिमा और आजादी पर हमला है। वहीं, रॉयल ओमान पुलिस (ROP) के ब्रिगेडियर जनरल Jamal bin Habib Al Qurashi ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी के ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। संदिग्ध मामलों की तुरंत अधिकारियों को जानकारी दें।
ओमान सरकार ने लोगों को जागरूक करने के लिए ‘Aman’ नाम से एक विशेष अभियान भी शुरू किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आईओएम (IOM) ने चेतावनी दी है कि एशिया के कई देशों में फर्जी कॉल सेंटरों के नाम पर लोगों को फंसाया जा रहा है, इसलिए विदेश जाने के इच्छुक भारतीय प्रवासियों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
