जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम पर निराशा जताई है। 8 अप्रैल 2026 को इस संघर्ष को रोकने के फैसले के बाद उन्होंने पूछा कि आखिर इस 39 दिनों की जंग से अमेरिका को क्या हासिल हुआ। उनका कहना है कि जिस Strait of Hormuz को खोलने की बात हो रही है, वह तो जंग से पहले ही सबके लिए खुला था। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र में काफी तनाव रहा और अब दो हफ्ते के लिए बमबारी रोकने पर सहमति बनी है।

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युद्धविराम समझौते की मुख्य बातें और शर्तें क्या हैं?

अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई यह जंग करीब 40 दिनों तक चली, जिसके बाद अब शांति की कोशिशें शुरू हुई हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी साफ किया है कि अगर उन पर हमले रुकते हैं, तो उनकी सेना भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देगी।

  • जंग की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी।
  • दो हफ्ते के लिए फिलहाल बमबारी और हमले रोक दिए गए हैं।
  • शुक्रवार से पाकिस्तान में स्थायी शांति के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होगी।
  • जापान और इंडोनेशिया जैसे देशों ने इस शांति पहल का स्वागत किया है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और जहाजों की आवाजाही पर क्या होगा असर?

इस समझौते का सबसे बड़ा असर समुद्री व्यापार पर पड़ेगा। ईरान ने Strait of Hormuz को फिर से खोलने और वहां से जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया है। हालांकि, अब एक नया नियम लागू होगा जिसके तहत ईरान और ओमान यहां से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूल सकेंगे। ईरान इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध के बाद अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए करने की योजना बना रहा है। भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
समझौते की तारीख 8 अप्रैल 2026
जंग की अवधि 39 दिन
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
नया नियम जहाजों को देनी होगी ट्रांजिट फीस
अगली चर्चा शुक्रवार को पाकिस्तान में बैठक