भारत की सरकारी कंपनी ONGC ने देश में कच्चे तेल का भंडार बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला किया है। कंपनी कर्नाटक के Mangaluru में 1.75 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) की क्षमता वाला एक रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) बनाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों पर आधारित इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय महत्व का माना गया है ताकि वैश्विक संकट के समय भारत को तेल की कमी न हो।

ONGC के बोर्ड ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को इस प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी दे दी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि दुनिया में कहीं भी तनाव हो या तेल की सप्लाई में दिक्कत आए, तो भारत के पास पर्याप्त तेल जमा रहे। खासकर Strait of Hormuz जैसे संवेदनशील रास्तों पर होने वाली रुकावटों और वैश्विक सप्लाई की समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

इस बार ONGC इस स्टोरेज सुविधा को बनाने का पूरा खर्चा खुद उठाएगी। यह एक बड़ा बदलाव है क्योंकि पहले ज्यादातर सरकारी रिफाइनरी कंपनियां ऐसे कमर्शियल स्टोर बनाती थीं। कंपनी के बोर्ड ने केंद्र सरकार से इस सुविधा के व्यावसायिक उपयोग के मौके तलाशने के लिए बात करने की अनुमति भी दे दी है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल दूसरे देशों से मंगाता है। ऐसे में रणनीतिक रिजर्व बहुत जरूरी हैं ताकि सरकार के उस लक्ष्य को पूरा किया जा सके जिसमें कम से कम एक महीने की घरेलू मांग के लिए तेल स्टोर रहे।

Mangaluru में पहले से 1.5 MMT की क्षमता वाला रिजर्व मौजूद है, जिसे अब विस्तार देकर 1.75 MMT और बढ़ाया जाएगा। इससे Mangaluru इलाके में कुल स्टोरेज 3.25 MMT हो जाएगा और भारत की इमरजेंसी तेल क्षमता लगभग एक तिहाई बढ़ जाएगी। इसके अलावा सरकार Padur के रिजर्व को बड़ा करने और ओडिशा के Chandikhol में नया रिजर्व बनाने की योजना पर भी काम कर रही है जिससे 6.5 MMT और क्षमता जुड़ेगी।

भारत में तेल स्टोरेज का ब्यौरा

जगह का नाम क्षमता (MMT में)
Visakhapatnam 1.33
Mangaluru (मौजूदा) 1.5
Mangaluru (नया विस्तार) 1.75
Padur 2.5
कुल वर्तमान क्षमता 5.33
भविष्य का विस्तार (Phase-II) 6.5
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.