OPEC Fund ने दुनिया भर के विकासशील देशों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने डिजिटल तकनीक और इंटरनेट को बढ़ावा देने के लिए 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के एक्शन प्लान का ऐलान किया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य साल 2030 तक डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और कनेक्टिविटी को बढ़ाना है।
इस खास प्लान की शुरुआत 24 जून 2026 को आयोजित ‘OPEC Fund Development Forum’ में की गई। अब संस्थान ने डिजिटल बदलाव को अपनी तीसरी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया है। इससे पहले जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता था।
डिजिटल विकास के दो मुख्य हिस्से
इस पूरे प्लान को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा ‘डिजिटल फाउंडेशन’ है, जो डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और इंटरनेट नेटवर्क जैसे बुनियादी ढांचे पर काम करेगा। दूसरा हिस्सा ‘डिजिटल यूज’ है, जिसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती, बैंकिंग और सरकारी कामकाज में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
OPEC Fund के अध्यक्ष Abdulhamid Alkhalifa ने बताया कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का होना उतना ही जरूरी है जितना कि किसी देश के पास पैसा होना। उनके मुताबिक, आधुनिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए यह बहुत जरूरी है।
फाइनेंस और पार्टनरशिप की जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल बजट (डिजिटल प्लान) | 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर |
| समय सीमा | साल 2030 तक |
| फोरम में कुल मंजूर राशि | 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा |
| मुख्य स्तंभ 1 | डिजिटल फाउंडेशन (बुनियादी ढांचा) |
| मुख्य स्तंभ 2 | डिजिटल यूज (तकनीक का इस्तेमाल) |
| लॉन्च की तारीख | 24 जून 2026 |
| फोकस सेक्टर | स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और फाइनेंस |
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए OPEC Fund अलग-अलग सरकारों, प्राइवेट कंपनियों और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करेगा। इसके लिए Digital Cooperation Organization (DCO), Gavi और अन्य संस्थाओं के साथ नए समझौते भी किए गए हैं ताकि दुनिया भर के करीब 2.6 अरब लोगों तक डिजिटल सुविधाएं पहुँच सकें।
