तेल उत्पादन को लेकर OPEC+ देशों की एक अहम ऑनलाइन मीटिंग हो रही है। इस बैठक में सात देश शामिल हैं जो तय करेंगे कि आने वाले समय में कितना तेल निकाला जाएगा। यह मीटिंग इसलिए खास है क्योंकि UAE अब इस ग्रुप का हिस्सा नहीं रहा और अब बाकी देश मिलकर अपनी नई रणनीति बनाएंगे।
OPEC+ की मीटिंग में कौन से देश शामिल हैं और क्या फैसला होगा
आज की इस ऑनलाइन मीटिंग में अल्जीरिया, इराक, कजाकिस्तान, कुवैत, ओमान, रूस और सऊदी अरब शामिल हुए हैं। इन सात देशों के बीच तेल उत्पादन के कोटा को बढ़ाने पर चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि ये देश मिलकर तेल उत्पादन को 188,000 बैरल प्रति दिन (bpd) तक बढ़ा सकते हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान अल सऊद इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
UAE का ग्रुप से बाहर होना और बाजार की स्थिति
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 28 अप्रैल 2026 को ऐलान किया था कि वह OPEC और OPEC+ से अलग हो जाएगा, जो 1 मई 2026 से लागू हो गया। UAE ने कहा कि वह अब अपनी खुद की आर्थिक और रणनीतिक सोच के हिसाब से काम करेगा और सामूहिक कोटा की पाबंदियों में नहीं रहेगा। दूसरी ओर, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी की वजह से तेल की सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे कोटा बढ़ने के बावजूद असल उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ने की संभावना है।
| विवरण | जानकारी/तारीख |
|---|---|
| मीटिंग की तारीख | 3 मई 2026 |
| संभावित कोटा वृद्धि | 188,000 bpd |
| UAE के अलग होने की तारीख | 1 मई 2026 |
| अप्रैल का उत्पादन एडजस्टमेंट | 206,000 bpd |
| अगली मासिक रिपोर्ट | 13 मई 2026 |
| 41वीं मंत्रिस्तरीय बैठक | 7 जून 2026 |
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने OPEC और OPEC+ क्यों छोड़ा
UAE ने 1 मई 2026 को अपनी खुद की लंबी अवधि की रणनीतिक और आर्थिक सोच को आगे बढ़ाने के लिए इस समूह को छोड़ा ताकि उसकी उत्पादन क्षमता सामूहिक कोटा से सीमित न रहे।
तेल उत्पादन बढ़ने से बाजार पर क्या असर पड़ेगा
हालांकि उत्पादन कोटा 188,000 bpd बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के कारण असल उत्पादन लक्ष्यों से नीचे रह सकता है।