दुनिया भर में तेल की सप्लाई और कीमतों को कंट्रोल करने वाले संगठन OPEC+ की एक अहम बैठक हाल ही में संपन्न हुई। सऊदी अरब, रूस और यूएई जैसे बड़े देशों ने इस मीटिंग में हिस्सा लिया और बाज़ार के ताज़ा हालात पर चर्चा की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता बनाए रखना है ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई बिना किसी रुकावट के चलती रहे।

मीटिंग में किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा?

जॉइंट मिनिस्टीरियल मॉनिटरिंग कमेटी (JMMC) की यह 65वीं बैठक 5 अप्रैल 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई। इस मीटिंग में कमेटी ने बाज़ार की स्थिति को देखा और समुद्री व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। कमेटी ने चिंता जताई कि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों से तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ता है और इन्हें ठीक करना बहुत महंगा और समय लेने वाला काम है। सऊदी अरब और रूस सहित सभी देशों ने बाज़ार को स्थिर रखने के लिए आपसी सहयोग को ज़रूरी बताया है।

तेल उत्पादन और आने वाले समय के लिए क्या है प्लान?

8 प्रमुख देशों ने तेल उत्पादन में किए गए बदलावों को लेकर अपना रुख साफ़ किया है। अप्रैल 2026 से उत्पादन में 206,000 बैरल प्रतिदिन का एडजस्टमेंट लागू करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही जिन देशों ने पहले ज़्यादा उत्पादन किया था, उन्हें उसकी भरपाई करने के लिए भी कहा गया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि हाल के समय में युद्ध और सप्लाई में कमी की वजह से बढ़ी कीमतें इस चर्चा का मुख्य हिस्सा रहीं।

विवरण जानकारी
अगली मीटिंग की तारीख 7 जून 2026
शामिल मुख्य देश Saudi Arabia, Russia, Iraq, UAE, Kuwait, Kazakhstan, Nigeria, Algeria, Venezuela
मुख्य फोकस तेल बाज़ार की स्थिरता और समुद्री सुरक्षा
उत्पादन बदलाव का समय अप्रैल 2026 से शुरू

कमेटी ने उन देशों की तारीफ की जिन्होंने बाज़ार में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाए हैं। JMMC ने कहा कि वे बाज़ार पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखेंगे और ज़रूरत पड़ने पर कभी भी नई मीटिंग बुलाई जा सकती है। इससे यह साफ़ है कि तेल उत्पादक देश बाज़ार में कीमतों को बेकाबू नहीं होने देना चाहते और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.