OPEC+ देशों ने ग्लोबल ऑयल मार्केट की स्थिति को देखते हुए तेल उत्पादन में बढ़ोतरी करने का एक बड़ा फैसला लिया है। सऊदी अरब, रूस और यूएई सहित आठ प्रमुख देशों ने मिलकर तय किया है कि वे बाज़ार में तेल की सप्लाई बढ़ाएंगे। यह निर्णय रविवार 5 अप्रैल 2026 को हुई एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य तेल की कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और ग्लोबल डिमांड को पूरा करना है।

ℹ: आज Kuwait में ईरान से आया मिसाइल और ड्रोन का बड़ा झुंड, मंत्रालयों के दफ्तर को पहुंचा नुकसान, वर्क फ्रॉम होम का हुआ एलान

किन देशों ने लिया फैसला और क्या है पूरी योजना?

इस मीटिंग में शामिल आठ देशों ने मिलकर उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2023 में घोषित की गई स्वैच्छिक कटौती के तहत ही की जा रही है। इन देशों का कहना है कि वे मार्केट की बदलती परिस्थितियों पर नज़र रखेंगे और ज़रूरत पड़ने पर उत्पादन को आगे भी घटाने या बढ़ाने का लचीलापन बनाए रखेंगे। इसमें शामिल देशों की सूची नीचे दी गई है:

  • Saudi Arabia
  • Russia
  • Iraq
  • UAE
  • Kuwait
  • Kazakhstan
  • Algeria
  • Oman

उत्पादन में बढ़ोतरी और मार्केट पर प्रभाव

मई 2026 से लागू होने वाले इस फैसले के तहत प्रतिदिन 206,000 बैरल तेल का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। यह फैसला उस समय आया है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीयों के लिए तेल बाज़ार की यह हलचल महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वहां की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।

महत्वपूर्ण आंकड़े और जानकारी

मुख्य बिंदु विवरण
उत्पादन में कुल बढ़ोतरी 206,000 बैरल प्रतिदिन (bpd)
लागू होने का समय मई 2026 से
मीटिंग की तारीख 5 अप्रैल 2026
स्वैच्छिक कटौती फ्रेमवर्क 1.65 मिलियन बैरल प्रतिदिन
शामिल देश कुल 8 OPEC+ सदस्य