सऊदी अरब और उसके सहयोगी ओपेक प्लस (OPEC+) देशों ने तेल के उत्पादन को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। 7 जून 2026 को हुई एक अहम बैठक में यह तय किया गया कि जुलाई 2026 से कच्चे तेल के उत्पादन में 1 लाख 88 हजार बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी की जाएगी। इस फैसले का सीधा असर वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

किन देशों ने लिया यह फैसला और क्या है पूरा मामला?

इस बैठक में प्रमुख रूप से सात देशों ने हिस्सा लिया और उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई। इन देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं।

  • उत्पादन में बढ़ोतरी: जुलाई के महीने में रोजाना 1,88,000 बैरल अतिरिक्त तेल का उत्पादन किया जाएगा।
  • लगातार चौथी बढ़ोतरी: इन सात देशों की तरफ से तेल उत्पादन के लक्ष्य में यह लगातार चौथी मासिक बढ़ोतरी है। इससे पहले जून के लिए भी इतनी ही बढ़ोतरी तय की गई थी।
  • यूएई इस फैसले का हिस्सा नहीं: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 1 मई 2026 को आधिकारिक रूप से ओपेक (OPEC) छोड़ दिया था, इसलिए वह इस बैठक और समझौते का हिस्सा नहीं है।

बाजार की स्थिति और पुराना नुकसान पूरा करने का समय

बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन देशों ने जनवरी 2024 से अब तक तय सीमा से अधिक तेल का उत्पादन किया है, उन्हें इस नुकसान की भरपाई करने के लिए दिसंबर 2026 तक का समय दिया जाएगा।

अगर आंकड़ों की बात करें, तो खाड़ी देशों द्वारा निर्यात में कटौती और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दिक्कतों के कारण हाल ही में ओपेक का कुल उत्पादन काफी कम हुआ है। फरवरी में जहां उत्पादन 4.27 करोड़ बैरल प्रति दिन था, वहीं अप्रैल में यह घटकर 3.31 करोड़ बैरल प्रति दिन रह गया है।

क्या आगे भी बदल सकते हैं नियम?

ओपेक प्लस के देशों ने साफ किया है कि वे बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे इस उत्पादन वृद्धि को आगे बढ़ाने, रोकने या वापस लेने का फैसला भी ले सकते हैं। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी संयुक्त मंत्रिस्तरीय निगरानी समिति (JMMC) करेगी। इस समूह की अगली बैठक 5 जुलाई 2026 को होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओपेक प्लस (OPEC+) ने जुलाई 2026 के लिए क्या फैसला लिया है?

ओपेक प्लस के सात सदस्य देशों ने जुलाई 2026 से कच्चे तेल के उत्पादन में रोजाना 1.88 लाख बैरल की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।

क्या यूएई (UAE) भी इस नए फैसले में शामिल है?

नहीं, यूएई ने 1 मई 2026 को ओपेक से खुद को अलग कर लिया था, इसलिए वह इस नए फैसले का हिस्सा नहीं है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.