OPEC+ के सात सदस्य देश रविवार, 3 मई 2026 को एक ऑनलाइन मीटिंग के लिए मिले। इस मीटिंग का मुख्य मकसद तेल के उत्पादन स्तर को तय करना था। खास बात यह है कि UAE के समूह छोड़ने के बाद यह पहली ऐसी मीटिंग थी। अब ये देश मिलकर तेल की सप्लाई बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं ताकि बाजार में संतुलन बना रहे।

तेल उत्पादन में कितनी बढ़ोतरी होगी और क्या है योजना?

ट्रेडर्स और सूत्रों के मुताबिक, इन सात देशों ने जून महीने में अपने रोजाना तेल उत्पादन लक्ष्य में लगभग 188,000 बैरल प्रति दिन (bpd) की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह कदम पिछले महीने की 206,000 bpd की बढ़ोतरी के समान ही है, बस इसमें UAE का हिस्सा शामिल नहीं है। जानकारों का कहना है कि यह बढ़ोतरी काफी हद तक प्रतीकात्मक है क्योंकि असल में सप्लाई में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं।

विवरण आंकड़े/तारीख
जून के लिए अपेक्षित बढ़ोतरी 188,000 bpd
मई महीने की बढ़ोतरी 206,000 bpd
मार्च का उत्पादन लक्ष्य 36.73 मिलियन bpd
मार्च का वास्तविक उत्पादन 27.68 मिलियन bpd
कुल उत्पादन की कमी लगभग 9 मिलियन bpd
UAE के बाहर होने की तारीख 1 मई 2026

UAE का बाहर होना और बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा?

UAE ने 28 अप्रैल 2026 को ग्रुप छोड़ने का ऐलान किया था और 1 मई 2026 से वह आधिकारिक तौर पर OPEC और OPEC+ से बाहर हो गया। UAE पहले इस ग्रुप का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक था, जिसकी वजह से अब OPEC+ की बाजार को नियंत्रित करने की क्षमता कम हुई है। इसके अलावा, ईरान के साथ संघर्ष और Strait of Hormuz में रुकावटों की वजह से सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देशों के तेल निर्यात में समस्या आ रही है।

इस मीटिंग में कौन से देश शामिल हुए?

इस ऑनलाइन मीटिंग में कुल सात सदस्य देशों ने हिस्सा लिया। इनमें सऊदी अरब, इराक, कुवैत, अल्जीरिया, कजाकिस्तान, रूस और ओमान शामिल थे। इन सभी देशों ने कहा कि वे बाजार की स्थिति को देखते हुए उत्पादन में बदलाव करने की पूरी लचीलापन रखेंगे। Joint Ministerial Monitoring Committee (JMMC) अब अतिरिक्त उत्पादन बदलावों की निगरानी करेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE ने OPEC+ ग्रुप कब छोड़ा?

UAE ने 28 अप्रैल 2026 को ग्रुप छोड़ने की घोषणा की थी और 1 मई 2026 से वह आधिकारिक तौर पर इस समूह से बाहर हो गया।

तेल उत्पादन में कमी आने का मुख्य कारण क्या है?

ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और Strait of Hormuz में पैदा हुई बाधाओं के कारण तेल निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे मार्च में लक्ष्य से 9 मिलियन bpd कम उत्पादन हुआ।