सऊदी अरब, रूस और इराक समेत सात OPEC+ देशों ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की और तेल के उत्पादन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. इन देशों ने तय किया है कि अगस्त 2026 से तेल के उत्पादन में 1,88,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी की जाएगी. यह कदम बाजार में स्थिरता लाने और पुराने फैसलों को धीरे-धीरे बदलने के लिए उठाया गया है.
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5 जुलाई 2026 को हुई इस मीटिंग में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल थे. यह बढ़ोतरी अप्रैल 2023 में की गई स्वैच्छिक कटौती को धीरे-धीरे वापस लेने की एक रणनीति का हिस्सा है. अधिकारियों ने कहा है कि बाजार की स्थिति को देखते हुए इन कटौतियों को पूरी तरह या आंशिक रूप से वापस लाया जा सकता है.
किस देश ने कितनी बढ़ोतरी की
अगस्त 2026 के लिए तय की गई 1,88,000 बैरल की बढ़ोतरी को सात देशों के बीच इस तरह बांटा गया है:
| देश | उत्पादन में बढ़ोतरी (bpd) |
|---|---|
| Saudi Arabia | 62,000 |
| Russia | 62,000 |
| Iraq | 26,000 |
| Kuwait | 16,000 |
| Kazakhstan | 10,000 |
| Algeria | 6,000 |
| Oman | 5,000 |
इसके अलावा, नवंबर 2023 में जो कटौती की गई थी, उसे भी मार्च 2025 के बाद धीरे-धीरे कम किया जाएगा और सितंबर 2026 तक पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. समूह ने साफ किया है कि उनके पास पूरी लचीलापन है कि वे बाजार के हिसाब से उत्पादन को बढ़ा सकते हैं, रोक सकते हैं या वापस पहले जैसा कर सकते हैं.
उत्पादन के इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी Joint Ministerial Monitoring Committee (JMMC) करेगी. यह कमेटी यह भी देखेगी कि जनवरी 2024 से ज्यादा तेल बनाने वाले देश अपनी उस मात्रा की भरपाई दिसंबर 2026 तक कर लें.
इन सात देशों की अगली बैठक 2 अगस्त 2026 को होगी. इस मीटिंग में बाजार की हालत, नियमों के पालन और भरपाई की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी.
