दुनिया के 7 बड़े तेल उत्पादक देशों ने मिलकर एक बड़ा फैसला लिया है. जून 2026 से तेल के उत्पादन की सीमा को 1,88,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाया जाएगा. यह फैसला 3 मई 2026 को हुई एक ऑनलाइन मीटिंग के बाद लिया गया ताकि बाजार की हालत और तेल की कीमतों का जायजा लिया जा सके.
तेल उत्पादन में कितनी बढ़ोतरी होगी और कौन से देश शामिल हैं?
इस फैसले में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान जैसे देश शामिल हैं. उत्पादन बढ़ाने की यह प्रक्रिया जून 2026 से शुरू होगी. इस पूरे बदलाव में सऊदी अरब और रूस की भूमिका सबसे अहम है क्योंकि ये दोनों देश सबसे ज्यादा तेल की सप्लाई बढ़ाएंगे.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल उत्पादन बढ़ोतरी | 1,88,000 बैरल प्रतिदिन |
| सऊदी अरब की बढ़ोतरी | 62,000 बैरल प्रतिदिन |
| रूस की बढ़ोतरी | 62,000 बैरल प्रतिदिन |
| फैसले की तारीख | 3 मई 2026 |
| लागू होने की तारीख | जून 2026 |
| अगली मीटिंग की तारीख | 7 जून 2026 |
| UAE के अलग होने की तारीख | 1 मई 2026 |
इस फैसले से जुड़ी मुख्य बातें और नियम क्या हैं?
यह उत्पादन बढ़ोतरी अप्रैल 2023 में की गई स्वैच्छिक कटौती के समायोजन के तौर पर की गई है. सदस्य देशों ने ‘घोषणा पत्र’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और इसकी निगरानी Joint Ministerial Monitoring Committee (JMMC) करेगी. इसके अलावा, जनवरी 2024 से अब तक जितना अधिक तेल निकाला गया है, उसकी पूरी भरपाई करने का वादा भी किया गया है.
- यह फैसला लचीला है, जिसे बाजार की स्थिति के अनुसार बदला, रोका या तेज किया जा सकता है.
- अगली मासिक बैठक 7 जून 2026 को होगी, जिसमें उत्पादन और मुआवजे की समीक्षा की जाएगी.
UAE के बाहर होने और मार्केट की स्थिति का क्या असर होगा?
गौरतलब है कि 1 मई 2026 को UAE ने OPEC और OPEC+ से अलग होने का फैसला किया था. हालांकि, उत्पादन बढ़ाने वाले आधिकारिक बयान में UAE के जाने का कोई जिक्र नहीं किया गया. जानकारों का कहना है कि यह कदम संगठन के भीतर निरंतरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है. वहीं, Strait of Hormuz की नाकेबंदी जैसे भू-राजनीतिक कारणों की वजह से इस बढ़े हुए उत्पादन का असल असर भौतिक आपूर्ति पर कम हो सकता है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
तेल उत्पादन कब से बढ़ेगा और कुल कितनी बढ़ोतरी होगी?
तेल उत्पादन जून 2026 से बढ़ेगा और कुल उत्पादन सीमा में 1,88,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी की जाएगी.
सबसे ज्यादा तेल की सप्लाई कौन से देश बढ़ाएंगे?
सऊदी अरब और रूस सबसे ज्यादा उत्पादन बढ़ाएंगे, जिनमें से प्रत्येक देश 62,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी करेगा.