OPEC+ की 65वीं JMMC मीटिंग में दुनिया भर के तेल बाज़ार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई बड़ी बातें कही गई हैं। सऊदी अरब और अन्य सदस्य देशों ने साफ कर दिया है कि ऊर्जा सप्लाई को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी कोशिश से ग्लोबल इकॉनमी पर बुरा असर पड़ेगा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरों के बीच यह बयान प्रवासियों और तेल बाज़ार से जुड़े लोगों के लिए काफी अहम है।

👉: OPEC+ Meeting: सऊदी और रूस सहित 9 देशों की हुई बड़ी बैठक, तेल बाज़ार में स्थिरता और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर हुई चर्चा.

OPEC+ की मीटिंग में किन मुख्य बातों पर हुई चर्चा?

इस मीटिंग में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई गई है। कमेटी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना बहुत ज़रूरी है ताकि तेल की सप्लाई बिना किसी रुकावट के चलती रहे। क्षतिग्रस्त ऊर्जा सुविधाओं को फिर से ठीक करना बहुत महंगा और समय लेने वाला काम है, जिससे बाज़ार में तेल की भारी कमी हो सकती है। सदस्य देशों ने वादा किया है कि वे बाज़ार में स्थिरता लाने के लिए आपस में तालमेल बनाकर काम करते रहेंगे।

तेल उत्पादन और बाज़ार पर क्या असर पड़ेगा?

OPEC+ ने अप्रैल के लिए तेल उत्पादन में लगभग 206,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी को मंज़ूरी दी है। यह फैसला पिछले कुछ समय से की गई स्वैच्छिक कटौती को धीरे-धीरे कम करने की योजना का हिस्सा है। फिलहाल बाज़ार में तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन में यह मामूली बढ़ोतरी बाज़ार के मौजूदा तनाव को कम करने के लिए शायद काफी न हो।

  • ब्रेंट क्रूड की कीमत फिलहाल 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही है।
  • अगली JMMC मीटिंग 7 जून 2026 को होने वाली है।
  • आठ प्रमुख देश अपनी पिछली उत्पादन कटौती को धीरे-धीरे बाज़ार में वापस ला रहे हैं।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से सप्लाई रूट पर गहरा संकट पैदा हो गया है।

इन देशों की भूमिका होगी अहम

बाज़ार की स्थिरता के लिए आठ देशों का समूह मिलकर काम कर रहा है जो अपनी उत्पादन कटौती को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर रहे हैं। इनके विवरण नीचे दिए गए हैं:

देश का नाम मुख्य जिम्मेदारी
Saudi Arabia बाज़ार स्थिरता और उत्पादन नेतृत्व
Russia सप्लाई मैनेजमेंट में सहयोग
UAE उत्पादन वृद्धि योजना का हिस्सा
Kuwait सप्लाई रूट सुरक्षा पर ध्यान
Iraq कोऑपरेशन एग्रीमेंट का पालन