मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC+ ने एनर्जी सेक्टर की सुरक्षा और बहाली को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है. सऊदी अरब और रूस सहित आठ प्रमुख देशों की बैठक में यह बात सामने आई है कि क्षतिग्रस्त ऊर्जा सुविधाओं को फिर से चालू करना बेहद महंगा और समय लेने वाला काम है. इस खबर ने दुनिया भर के तेल बाज़ार और मिडिल ईस्ट में काम कर रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि सप्लाई चेन में बड़ी रुकावट आने की आशंका बनी हुई है.

एनर्जी साइट्स को हुए नुकसान पर क्या बोले एक्सपर्ट्स?

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने बताया कि मिडिल ईस्ट के नौ देशों में 40 से ज़्यादा एनर्जी साइट्स को बहुत गंभीर नुकसान पहुँचा है. इसमें तेल के कुएं, रिफाइनरी और बड़ी पाइपलाइनें शामिल हैं. इन तबाह हुई सुविधाओं को फिर से बनाने के खर्च और समय को लेकर कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • भारी भरकम खर्चा: Rystad Energy की स्टडी के मुताबिक, इन सुविधाओं को फिर से बनाने में कम से कम 25 बिलियन डॉलर यानी करीब 2 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्चा आएगा.
  • रिकवरी में देरी: कुछ छोटे प्लांट तो कुछ महीनों में शुरू हो सकते हैं, लेकिन जटिल प्रोजेक्ट्स को अपनी पुरानी क्षमता पर वापस आने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है.
  • मशीनों की कमी: भारी औद्योगिक टर्बाइन और ज़रूरी तकनीकी मशीनों की किल्लत की वजह से मरम्मत के काम में देरी हो रही है.

OPEC+ की बैठक और तेल उत्पादन पर नया फैसला

5 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान के प्रतिनिधियों ने बाज़ार की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की. संगठन ने मार्च में फैसला लिया था कि अप्रैल से तेल का उत्पादन 2.06 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाया जाएगा. हालांकि, क्षतिग्रस्त इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण इस उत्पादन लक्ष्य को पूरा करना और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.

प्रवासियों और वैश्विक बाज़ार पर क्या होगा असर?

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह खबर काफी अहमियत रखती है. तेल और गैस की सुविधाओं को होने वाला नुकसान सीधे तौर पर इन देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है. अगर मरम्मत में ज़्यादा समय लगता है, तो ग्लोबल सप्लाई चेन में लंबे समय तक बाधा रह सकती है. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने जैसे हालातों के बीच तेल सुविधाओं का खराब होना पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतों में अस्थिरता पैदा कर सकता है, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ना तय है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.