ओपेक (OPEC) ने दुनिया भर में तेल और गैस की मांग को लेकर एक नया और बेहद महत्वपूर्ण अनुमान साझा किया है। ओपेक के महासचिव हैथम अल घैस (Haitham Al Ghais) ने कहा है कि साल 2027 में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की मांग में बड़ी तेजी देखने को मिलेगी। इस रिपोर्ट के आने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई हलचल शुरू हो गई है। ओपेक का मानना है कि दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने से ऊर्जा की जरूरतें भी तेजी से बढ़ रही हैं।

ओपेक ने साल 2027 के लिए क्या आंकड़े जारी किए हैं?

ओपेक ने साल 2026 के शुरुआती महीनों में कई बार अपनी रिपोर्ट में बदलाव किया है और तेल की मांग के अनुमान को बढ़ाया है। संगठन ने अलग-अलग तारीखों पर जो आंकड़े जारी किए हैं, उन्हें नीचे दी गई तालिका में आसानी से समझा जा सकता है:

रिपोर्ट जारी होने की तारीख मांग में अनुमानित बढ़ोतरी (प्रति दिन) कुल अनुमानित मांग (प्रति दिन)
13 मई 2026 1.54 मिलियन बैरल 107.87 मिलियन बैरल
16 अप्रैल 2026 1.3 मिलियन बैरल 107.9 million b/d
15 जनवरी 2026 1.3 मिलियन बैरल 107.86 मिलियन बैरल

इन आंकड़ों से पता चलता है कि ओपेक लगातार अपनी मांग के अनुमान को मजबूत कर रहा है। मई 2026 की रिपोर्ट में मांग के अनुमान को पिछले अनुमानों से 2 लाख बैरल प्रति दिन तक बढ़ा दिया गया था।

आखिर किन कारणों से बढ़ रही है तेल और गैस की मांग?

ओपेक ने अपनी रिपोर्ट में उन मुख्य कारणों का भी जिक्र किया है जिनकी वजह से साल 2027 में तेल की मांग मजबूत बनी रहेगी। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • मजबूत आर्थिक गतिविधियां: गैर-ओईसीडी (non-OECD) देशों में औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियां काफी तेज गति से बढ़ रही हैं।
  • हवाई यात्रा में तेजी: दुनिया भर में हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है, जिससे विमान ईंधन की मांग में इजाफा हो रहा है।
  • सड़क परिवहन और माल ढुलाई: सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही और भारी ट्रकों के लिए डीजल की जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं।
  • औद्योगिक और कृषि क्षेत्र: निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों और कृषि गतिविधियों में तेल की खपत लगातार बढ़ रही है।

लंबी अवधि के लिए ओपेक का क्या मानना है?

ओपेक के महासचिव हैथम अल घैस ने पहले भी साफ किया है कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों जैसे तेल और गैस को पूरी तरह से बदलना तुरंत संभव नहीं है। उनके अनुसार, ऊर्जा बदलाव की प्रक्रिया काफी धीमी गति से चलेगी। उन्होंने कहा था कि साल 2050 तक भी दुनिया की कुल ऊर्जा जरूरतों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा अकेले तेल से पूरा होगा। इसलिए इस क्षेत्र में लगातार निवेश करते रहना आवश्यक है ताकि आने वाले समय में ऊर्जा की कोई कमी न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओपेक के अनुसार 2027 में तेल की मांग क्यों बढ़ेगी?

गैर-ओईसीडी देशों में मजबूत आर्थिक विकास, हवाई यात्रा में बढ़ोतरी, सड़क परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों के तेज होने के कारण साल 2027 में तेल की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

ओपेक के महासचिव के अनुसार भविष्य में तेल की क्या भूमिका रहेगी?

महासचिव हैथम अल घैस के अनुसार, ऊर्जा बदलाव की प्रक्रिया काफी धीमी होगी और साल 2050 तक भी दुनिया की कुल ऊर्जा जरूरतों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा तेल से ही पूरा होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.