पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। 2 अप्रैल 2026 तक के सरकारी डेटा के अनुसार, 6.24 लाख से ज्यादा भारतीय यात्री सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट आए हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष को अब दूसरा महीना शुरू हो गया है, जिसके चलते सरकार ने भारतीयों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए कौन से रूट इस्तेमाल हो रहे हैं?

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अलग-अलग देशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विशेष रास्तों का इंतजाम किया गया है। हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से यात्रियों को पड़ोसी देशों के रास्ते भारत लाया जा रहा है।

  • Iran: यहां से यात्रियों को Armenia और Azerbaijan के रास्ते लाया जा रहा है।
  • Israel: यहां फंसे लोगों के लिए Egypt और Jordan का रूट तय हुआ है।
  • Iraq: यात्रियों को Jordan और Saudi Arabia के जरिए वापस लाया जा रहा है।
  • Kuwait और Bahrain: यहां से Saudi Arabia के रास्ते भारत आने की सुविधा दी गई है।
  • Iran से निकासी: अब तक लगभग 1,200 भारतीयों को ईरान से निकाला जा चुका है।

विमानों की आवाजाही और सुरक्षा के लिए नए नियम क्या हैं?

DGCA ने भारतीय एयरलाइंस के लिए एक एडवाइजरी जारी की है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हवाई क्षेत्र में तनाव को देखते हुए उड़ानों के लिए कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं जो यात्रियों और एयरलाइंस दोनों के लिए जरूरी हैं।

देश या क्षेत्र सरकार का मुख्य निर्देश
Iran, Iraq, Israel, Jordan इन देशों के हवाई क्षेत्र से गुजरने पर पूरी तरह रोक लगी है
Bahrain, Kuwait, UAE, Qatar इन देशों के एयरस्पेस का उपयोग करने से बचने की सलाह है
Saudi Arabia और Oman 32,000 फीट से कम ऊंचाई पर विमान उड़ाने पर पाबंदी है
UAE से भारत उड़ानें 2 अप्रैल को लगभग 90 उड़ानें संचालित की गई हैं

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने कहा कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। दिल्ली में बना कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है और भारतीय मिशनों के साथ तालमेल बिठा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।